MP News: राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध हमीदिया अस्पताल में एक बड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों के परिजनों को ठगने का काम किया। भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस हाई-टेक धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन की रिमांड पर लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस मामले ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और ऑनलाइन धोखाधड़ी की नई तकनीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खुद को ‘डॉ. अर्नव’ बताकर करता था ठगी
पुलिस के मुताबिक 28 वर्षीय जितेंद्र खाकरे ने इस धोखाधड़ी को बड़ी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। वह इंदौर से भोपाल आता और हमीदिया अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजनों से संपर्क करता। सहानुभूति जताकर उनका भरोसा जीतता और उनके मोबाइल नंबर हासिल करता। फिर वह ‘डॉ. अर्नव’ के नाम से कॉल करके बेहतर इलाज, महंगे विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतरीन दवाओं का वादा करता और फिर यूपीआई के जरिए पैसे मांगता। उसने कई सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया और ट्रूकॉलर पर असली डॉक्टरों के नाम से फर्जी प्रोफाइल भी बनाई। पिछले चार महीनों में उसने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया। कोहेफिजा पुलिस स्टेशन में अब तक इस मामले में पांच शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के तीन बैंक खातों के बैंक स्टेटमेंट्स, दो मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड्स भी जब्त किए हैं।

ऑनलाइन गेमिंग का शौक बना धोखाधड़ी का कारण
पुलिस जांच में पता चला है कि जितेंद्र ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और उसने लाखों रुपये गंवा दिए थे। आर्थिक नुकसान और कर्ज चुकाने के लिए उसने धोखाधड़ी का रास्ता अपनाया। आरोपी पहले इंदौर में मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता था, जहां उसके खिलाफ पहले से ही एक धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। मूल रूप से वह बेतुल जिले का रहने वाला है और उज्जैन में भी रहा है। पुलिस उसकी गतिविधियों और नेटवर्क की जानकारी उज्जैन और इंदौर से जुटा रही है।
हमीदिया अस्पताल प्रशासन से भी हो रही पूछताछ
इस पूरे मामले में हमीदिया अस्पताल के प्रशासन से भी पूछताछ की जा रही है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में चूक या अन्य पहलुओं की जांच हो सके। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर धोखाधड़ी के और भी मामलों का खुलासा हो सकता है। इस घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को उजागर कर दिया है। साथ ही, मरीजों के परिजनों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सावधान रहने की सलाह दी गई है।


