MP News: मध्य प्रदेश में खौफनाक घटनाएं, महिलाओं ने कुएं में फेंके अपने मासूम बच्चों

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By Input Published On: March 12, 2026
MP News: मध्य प्रदेश में खौफनाक घटनाएं, महिलाओं ने कुएं में फेंके अपने मासूम बच्चों

MP News: मध्य प्रदेश के सागर जिले में दो दिन के भीतर दो दर्दनाक और खौफनाक घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार को ग्राम हिंन्नोद में एक महिला ने अपनी पांच वर्षीय बेटी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। वहीं दूसरी घटना केसली थाना अंतर्गत टड़ा चौकी क्षेत्र के खमरिया गांव से आई, जहां एक महिला ने अपनी चार मासूम बेटियों को कुएं में फेंकने के बाद खुद फांसी लगा ली। इन घटनाओं ने जिले में सनसनी फैला दी है और लोगों में गहरी चिंता का माहौल बना दिया है।

बेटी के साथ कुएं में कूदकर दी जान

जानकारी के अनुसार, ग्राम हिंन्नोद निवासी 29 वर्षीय सीमा पाल, जो कुछ समय से मायके में रह रही थीं, ने अपनी पांच वर्षीय बेटी प्रियांशी के साथ खेत में स्थित कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। सीमा की शादी लगभग आठ साल पहले भागीरथ पाल से हुई थी। परिवार और परिजनों के अनुसार पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे और पति द्वारा मारपीट की शिकायत महिला ने थाने में भी दर्ज कराई थी। परिजन मानते हैं कि पति की प्रताड़ना और लगातार मानसिक तनाव के कारण सीमा ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

चार बेटियों को कुएं में फेंकने के बाद खुद की जान ली

सागर जिले के खमरिया गांव से भी एक भयावह खबर आई। 30 वर्षीय सविता लोधी ने कथित तौर पर अपनी चार बेटियों को घर के पास बने कुएं में फेंक दिया। पानी में डूबने के कारण सभी बच्चियों की मौत हो गई। इसके बाद सविता ने घर के अंदर जाकर फांसी लगा ली। मृतकों में सबसे बड़ी बच्ची मात्र सात वर्ष की थी। घटना की जानकारी मिलते ही केसली थाना और टड़ा चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

जांच और आगे की कार्रवाई

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इन घटनाओं के पीछे पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव या अन्य सामाजिक कारण हो सकते हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही अंतिम निष्कर्ष दिया जाएगा। एक ही जिले में दो भयावह और दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे मामलों में समाज और प्रशासन को मिलकर मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक कलह के मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता महसूस होती है।