MP News: भोपाल में तीन नाबालिग हिंदू किशोरियों के कथित मतांतरण और शोषण के मामले ने प्रशासन और पुलिस को सतर्क कर दिया है। आरोप है कि कुछ युवतियों को पहले दोस्ती और नौकरी के बहाने संपर्क में लिया गया और फिर धीरे धीरे उन्हें एक संगठित नेटवर्क के प्रभाव में लाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई एंगल से पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल एक शहर तक सीमित नहीं हो सकता बल्कि इसके तार अन्य राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पीड़िताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
स्पा और ब्यूटी पार्लर से जुड़े आरोप और गिरफ्तारी की कार्रवाई
जांच के दौरान स्पा और ब्यूटी पार्लर से जुड़े एक कथित नेटवर्क की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि नौकरी के बहाने युवतियों को काम पर रखा गया और फिर उन्हें गलत गतिविधियों में धकेला गया। इस मामले में दो बहनों अमरीन और आफरीन के नाम सामने आए हैं जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इनका संपर्क दूसरे शहरों तक फैला हुआ था और अहमदाबाद तक इसके लिंक की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई स्तर पर लोग शामिल हो सकते हैं और उनकी पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कितनी युवतियां इस पूरे मामले से प्रभावित हुई हैं और कितनी सामने आने से डर रही हैं।
शोषण ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया के जरिए फंसाने के आरोप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ मामलों में युवतियों को पहले दोस्ती के जरिए संपर्क में लाया गया। इसके बाद उन्हें घुमाने फिराने के बहाने अलग अलग स्थानों पर ले जाया गया और कथित रूप से शारीरिक शोषण किया गया। आरोप है कि कुछ मामलों में वीडियो रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेलिंग की गई और आर्थिक रूप से भी दबाव बनाया गया। एक मामले में एक नाबालिग छात्रा को सोशल मीडिया के माध्यम से फंसाने और बाद में धमकी देकर दबाव बनाने के आरोप हैं। इसके बाद उस पर मतांतरण का दबाव बनाने की बात भी जांच में सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित किया जा रहा है ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच का विस्तार
इस पूरे मामले में पुलिस ने कई टीमों का गठन किया है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला कई राज्यों से जुड़ा हो सकता है इसलिए अलग अलग स्थानों पर जांच की जा रही है। पीड़िताओं के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच एजेंसियों को सहयोग करें। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं और कितने मामलों में समान पैटर्न देखा गया है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


