MP News: जबलपुर क्राइम ब्रांच ने 2 करोड़ की साइबर ठगी का बड़ा गिरोह किया गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को ऑनलाइन मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगता था। पहले चार आरोपियों को सहारनपुर और जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। अब तीन और आरोपियों को हरियाणा और नागपुर से जबलपुर लाया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि इस पूरे मामले में और कई बड़े खुलासे होने वाले हैं।

कैसे फंसी पीड़ित महिला और 2 करोड़ की ठगी का मामला

पुलिस ने बताया कि गिरोह ने प्रेमजी इन्वेस्ट नामक फर्जी शेयर मार्केट प्लेटफॉर्म के जरिए जबलपुर की एक महिला को झांसा दिया। जालसाजों ने 500% तक मुनाफे का लालच देकर महिला से जुलाई से सितंबर 2025 के बीच कुल 2 करोड़ 27 लाख रुपये निवेश करवा लिए। शुरू में ऐप पर भारी मुनाफा दिखाया गया, जिससे महिला को भरोसा हुआ। लेकिन जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो तकनीकी दिक्कत और बहाने बनाए गए। धीरे-धीरे महिला को शक हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गई है। इसके बाद उसने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।

कई राज्यों में फैला गिरोह और बड़ी नेटवर्क की पड़ताल

जांच में पता चला कि यह साइबर ठगी नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के पानीपत और सोनीपत से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा नागपुर जेल में बंद अभिषेक विश्वकर्मा को प्रोडक्शन वारंट पर जबलपुर लाया गया। अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा इन आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहा था।

पुलिस की रिमांड और संभावित बड़े खुलासे

पुलिस फिलहाल सभी सात आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। एडिशनल एसपी क्राइम जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस गिरोह के तार देश के कई अन्य शहरों से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने सभी संभावित खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में जनता को सतर्क रहने की जरूरत है और ऑनलाइन निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए।

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