MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन गया है। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत 2014 में 142वें स्थान से 2019 में 63वें स्थान पर पहुंचा। यह प्रगति प्रधानमंत्री मोदी के सुधारवादी दृष्टिकोण और जन-हितैषी नीतियों की देन है।
जन विश्वास अधिनियम: व्यापार को सरल बनाने की दिशा में मील का पत्थर
सीएम मोहन यादव ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया जन विश्वास (उपबंधों में संशोधन) अधिनियम, 2023 व्यापार को सरल और सुगम बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है। इस कानून के तहत 42 केंद्रीय कानूनों में संशोधन किया गया है और 180 से अधिक प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज किया गया है। इससे न केवल छोटे व्यापारियों को राहत मिली है, बल्कि कोर्ट-कचहरी के झंझटों से भी मुक्ति मिली है।

मध्य प्रदेश ने दिखाया राह, देश का पहला राज्य बना
मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने जन विश्वास अधिनियम 2024 को राज्य स्तर पर लागू किया। इसके तहत राज्य के 5 महत्वपूर्ण विभागों के 64 प्रावधानों को गैर-अपराधिक श्रेणी में लाया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 152 प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज किया है और 2640 compliances को सरल या समाप्त किया है। इससे उद्योगों के लिए व्यवसाय शुरू करना और चलाना पहले से कहीं आसान हुआ है।
डिजिटल और संरचनात्मक सुधार से बना ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का मॉडल
मध्य प्रदेश सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिए कई डिजिटल पहलों की शुरुआत की है। MP Invest Portal को National Single Window System (NSWS) से जोड़ा गया है। इसके अलावा GIS-आधारित भूमि आवंटन प्रणाली, Cyber Tehsil और Sampada 2.0 जैसी योजनाओं से व्यापारिक प्रक्रियाओं को त्वरित और पारदर्शी बनाया गया है। इसी कारण मध्य प्रदेश को Business Reform Action Plan (BRAP) 2022 में Top Achievers की श्रेणी में स्थान मिला।
2025: उद्योग और रोजगार का वर्ष, निवेश की नई उड़ान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” घोषित किया है। इसके अंतर्गत राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश जन विश्वास (उपबंधनों का संविधान) विधेयक, 2025 का मसौदा तैयार किया है। यह विधेयक 12 विभागों के 20 अधिनियमों के 44 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव करता है, जिसमें सजा को जुर्माने में बदला जाएगा, कंपाउंडिंग की व्यवस्था जोड़ी जाएगी और पुराने कानून हटाए जाएंगे। इससे निवेश के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद वातावरण तैयार होगा।


