MP News: कमल नाथ का बड़ा आरोप, मध्य प्रदेश बजट में चुनावी वादों का कहीं पता नहीं

MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमल नाथ ने राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए 2026-27 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, लेकिन कमल नाथ का कहना है कि यह बजट जनता से विश्वासघात करने वाला है। उनके अनुसार बजट में केवल बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित के मुद्दे पूरी तरह नजरअंदाज किए गए हैं।

चुनावी वादों को बजट में किया गया नजरअंदाज

कमल नाथ ने बीजेपी सरकार को याद दिलाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए प्रमुख वादे इस बजट में कहीं नहीं दिखते। उन्होंने विशेष रूप से चार वादों का उल्लेख किया: धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल, लाड़ली बहन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 3000 रुपये और घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में। कमल नाथ का कहना है कि इन वादों को बजट में शामिल न करना स्पष्ट करता है कि यह सरकार जनता विरोधी और वादा-खिलाफी वाली है।

MP News: कमल नाथ का बड़ा आरोप, मध्य प्रदेश बजट में चुनावी वादों का कहीं पता नहीं

केंद्र और राज्य के वित्तीय मुद्दों पर सवाल

पूर्व सीएम ने वित्त मंत्री पर केंद्र से मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में कमी और अन्य सहयोगी योजनाओं में देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि बजट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अगले पांच साल में केंद्र से मिलने वाली 50 हजार करोड़ रुपये की कमी को कैसे पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कई केंद्रीय योजनाओं के तहत मध्य प्रदेश को इस वित्त वर्ष में कई हजार करोड़ रुपये की राशि नहीं मिली। इन पहलुओं से स्पष्ट है कि प्रदेश की जनता के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

बजट से जनता में निराशा और केंद्र की कठपुतली

कमल नाथ ने साफ कहा कि इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता के हितों की बजाय केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रही है। उनका कहना है कि यह बजट ना सिर्फ जनता से किए गए वादों को तोड़ता है बल्कि प्रदेश की आर्थिक योजनाओं और किसानों, महिलाओं, नौजवानों के हितों को भी नजरअंदाज करता है। उनके अनुसार भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि वादा-खिलाफी और जनता विरोधी नीति इसका स्वभाव है।

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