MP News: नर्मदा क्वीन हादसा लाइफ जैकेट लापरवाही से बढ़ा मौत का आंकड़ा

MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध पर हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘नर्मदा क्वीन’ नाम की यह टूरिस्ट नाव मौसम विभाग की येलो अलर्ट चेतावनी के बावजूद संचालित की गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार को भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान पहले से जारी था, इसके बावजूद नाव को यात्रियों के साथ रवाना कर दिया गया। हादसे में अब तक कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।

अचानक बदला मौसम और कुछ ही मिनटों में बिगड़े हालात

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 5.30 बजे नाव में 40 से अधिक यात्री सवार होकर रवाना हुए थे। कुछ ही समय बाद खमरिया द्वीप के पास मौसम अचानक बदल गया और आसमान काले बादलों से ढक गया। तेज हवाएं लगभग 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगीं और चार से पांच फीट ऊंची लहरें उठने लगीं। इसी दौरान नाव असंतुलित होने लगी और उसमें पानी भरना शुरू हो गया। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। शाम 6.13 से 6.30 बजे के बीच नाव पूरी तरह डूब गई और आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत बचाव में जुट गए।

लाइफ जैकेट को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप

हादसे के बाद बचे हुए यात्रियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नाव पर सवार किसी भी यात्री को शुरुआत में लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। लाइफ जैकेट नाव के निचले हिस्से में रखी गई थीं जिन्हें आपात स्थिति में निकालने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। इस दौरान अफरा तफरी मच गई और कई यात्री एक जगह जमा हो गए जिससे नाव का संतुलन और बिगड़ गया। यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग डर के कारण तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर भागे जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

बचाव अभियान और जांच की प्रक्रिया तेज

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। शाम 8 बजे राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम ने बचाव कार्य संभाला और रात 10 बजे गोताखोरों ने गैस कटर की मदद से डूबी नाव को खोलकर अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं जिनमें बच्चे और एक महिला शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार नाव में 29 टिकट जारी किए गए थे लेकिन वास्तविक संख्या 40 से अधिक बताई जा रही है। फिलहाल हादसे की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई।

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