MP News: मध्य प्रदेश के भोपाल में लोक निर्माण विभाग की एक और लापरवाही सामने आई है। गढ़ा स्थित गुजराती कॉलोनी के पास हाल ही में बनाई गई सीमेंट कंक्रीट सड़क 24 घंटे भी नहीं टिक सकी और उसे जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया। करीब 80 मीटर लंबी इस सड़क पर लगभग 8 लाख रुपये खर्च किए गए थे। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि लंबी प्रतीक्षा के बाद बनी यह सड़क उन्हें राहत देगी, लेकिन निर्माण के अगले ही दिन सड़क पर दरारें दिखाई देने लगीं।
प्रारंभिक जांच में घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही उजागर
जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई। कंक्रीट जमाने के दौरान वाइब्रेटर का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे मिश्रण ठीक से सेट नहीं हो पाया और सड़क समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने सड़क की गुणवत्ता को बेहद निम्न स्तर का पाया और ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने सड़क को दोबारा अपने खर्च पर बनाने के निर्देश दिए हैं।

सड़क निर्माण में और भी लापरवाहियां मिलीं
जांच में यह भी सामने आया कि सड़क के बीच में लगा नल भी ठीक से हटाया नहीं गया था। इसके बजाय पाइप ऊपर बढ़ाकर टोटी लगा दी गई, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने इसे गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केवल इस सड़क पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, पूरे क्षेत्र में बन रही सड़कों की गुणवत्ता की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
विभाग ने किया त्वरित सुधार का आश्वासन
पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सड़क को दोबारा बनाने के साथ ठेकेदारों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। ताकि जनता के टैक्स के पैसे का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में जनता को परेशान होने से बचाया जा सके।


