MP News: ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उजाड़ा परिवार, शहडोल में दिल दहला देने वाली घटना

MP News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में तबाह कर दिया। पुरानी बस्ती क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के मुखिया ने कथित तौर पर जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर अपनी पत्नी और बेटी को मौत के मुंह में धकेल दिया और खुद भी आत्मघाती कदम उठा लिया। इस हृदयविदारक घटना में 16 वर्षीय बेटी स्वाति गुप्ता और पिता शंकर लाल गुप्ता की मौत हो चुकी है, जबकि पत्नी राजकुमारी गुप्ता अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।

लाखों रुपये की हार और कर्ज का बढ़ता दबाव

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शंकर लाल गुप्ता ऑनलाइन ‘Aviator’ गेम का आदी हो गया था। वह इस गेम में पैसा लगाकर किस्मत बदलने का सपना देखता था। उसे उम्मीद थी कि एक बड़ी जीत उसके परिवार की आर्थिक हालत सुधार देगी। लेकिन यह उम्मीद धीरे-धीरे बर्बादी में बदल गई। बताया जा रहा है कि वह करीब 4 लाख रुपये गेम में हार चुका था और बाजार से लिया गया कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा था। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव ने उसे अंदर से तोड़ दिया। इसी दबाव में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। यह घटना ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग की लत के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है।

MP News: ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उजाड़ा परिवार, शहडोल में दिल दहला देने वाली घटना

15 वर्षीय बेटा बचा, लेकिन उजड़ गया उसका संसार

इस दर्दनाक वारदात के समय परिवार का 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता घर पर मौजूद नहीं था, जिसके कारण वह इस त्रासदी का शिकार होने से बच गया। लेकिन अब उसके सिर से पिता और बहन का साया उठ चुका है, और मां अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। बताया जाता है कि बेटी स्वाति की मौत मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई। जब परिवारजन उसका अंतिम संस्कार कर घर लौटे, कुछ ही देर बाद शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कितनी भयावह हो सकती है।

दुकान बिकी, फिर भी नहीं टूटी लत

जानकारी के मुताबिक, शंकर लाल पहले मोबाइल शॉप में काम करता था और बाद में अनूपपुर जिले में अपनी मोबाइल दुकान संचालित करने लगा था। लेकिन ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उसकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया। कर्ज चुकाने के लिए उसकी दुकान भी बिक गई। हाल ही में वह सड़क किनारे मोबाइल एक्सेसरीज की छोटी दुकान लगाकर हेडफोन और अन्य सामान बेचकर परिवार का गुजारा कर रहा था। इसके बावजूद वह गेमिंग की लत से बाहर नहीं निकल पाया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है। यह घटना एक चेतावनी है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की लत किस तरह परिवारों को बर्बादी की कगार पर ला सकती है।

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