MP News: भोपाल में सायनाइड बम की धमकी से हड़कंप, 16 आईईडी का दावा चौंकाने वाला

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित माप तौल मुख्यालय में सोमवार सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई जब इमारत को सायनाइड बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी सुबह करीब 8 बजकर 6 मिनट पर कंट्रोलर ऑफ वेट्स एंड मेजर्स के आधिकारिक ईमेल पर भेजी गई। ईमेल आउटलुक आईडी से भेजा गया था जिसमें खुद को सीमा कुंजन बताया गया। संदेश में दावा किया गया कि दोपहर 1 बजे मुख्यालय में 16 आईईडी के जरिए विस्फोट किया जाएगा जिनमें सायनाइड गैस भी शामिल होगी। इस धमकी ने प्रशासन और कर्मचारियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया और तुरंत सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।

पुलिस और बम निरोधक दस्ते की सघन जांच

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। करीब 10 बजे सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची। पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और हर कोने की बारीकी से जांच की गई। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर एंगल से जांच जारी है।

ईमेल में चौंकाने वाले दावे और साजिश की कहानी

धमकी भरे ईमेल में एक सनसनीखेज कहानी भी लिखी गई है जिसमें तमिलनाडु की राजनीति और जासूसी का जिक्र किया गया है। ईमेल के अनुसार वर्ष 2011 में एक विदेशी कंपनी से स्पायवेयर खरीदा गया था जिसका इस्तेमाल लोगों की निगरानी के लिए किया गया। आगे दावा किया गया कि सत्ता बदलने के बाद यह स्पायवेयर कुछ बिचौलियों के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस इन दावों की सत्यता की भी जांच कर रही है और फिलहाल इसे एक संभावित भ्रामक सूचना मानते हुए तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

लगातार मिल रहीं धमकियों से बढ़ी चिंता

पिछले एक महीने में भोपाल के कई बड़े संस्थानों को इस तरह के धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। फरवरी और मार्च के दौरान पीपुल्स हॉस्पिटल एआईआईएमएस जीपीओ और पासपोर्ट ऑफिस को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। हर बार जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली लेकिन इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी सुरागों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद है।

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