MP News: भोपाल के निशातपुरा थाना प्रभारी रूपेश दुबे ने शनिवार रात जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल राष्ट्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर्स की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है लेकिन उनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
पारिवारिक विवाद बना तनाव की जड़
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि रूपेश दुबे ने यह कदम पारिवारिक तनाव के चलते उठाया। बताया गया है कि उनकी पत्नी से फोन पर किसी बात को लेकर बहस हो गई थी जिसके बाद उन्होंने तनाव में आकर यह खौफनाक कदम उठाया। जैसे ही उनकी पत्नी को इस घटना की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत पुलिस स्टेशन को सूचना दी। थाना स्टाफ ने समय रहते उन्हें अस्पताल पहुंचाया जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।

अलग रह रहे थे पति-पत्नी
सूत्रों के अनुसार रूपेश दुबे अकेले रह रहे थे जबकि उनकी पत्नी और बच्चे कोलार स्थित उनके दूसरे घर में रहते हैं। पिछले कुछ महीनों से पति-पत्नी के बीच संबंधों में तनाव चल रहा था जिसके कारण वे अलग रहने लगे थे। यह भी बताया जा रहा है कि पहले भी दोनों के बीच विवाद हो चुका है जिसे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सुलझाया गया था।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद भोपाल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जैसे ही खबर फैली कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा भी शामिल हैं, रात में ही अस्पताल पहुंच गए और टीआई दुबे की स्थिति की जानकारी ली। विभाग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
मनोवैज्ञानिक सहायता की जरूरत
रूपेश दुबे की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पुलिस विभाग में तैनात अफसरों और कर्मचारियों को पर्याप्त मानसिक सहयोग मिल पा रहा है। तनाव, ड्यूटी का दबाव और पारिवारिक समस्याएं अगर एक साथ मिल जाएं तो ऐसे हादसे होना संभव है। यह समय है जब विभाग को अपने कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।


