MP News: भोपाल में आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर संगठन और विधायक दल के बीच तालमेल की कमी खुलकर सामने आ रही है। इस स्थिति ने पार्टी के अंदर असहज माहौल पैदा कर दिया है। कई नेताओं का मानना है कि संगठन विधायकों की राजनीतिक और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा है। इसी कारण विधायकों के बीच असंतोष बढ़ रहा है और आपसी भरोसा कमजोर होता दिख रहा है। यह स्थिति चुनाव से पहले पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
असंतोष और आंतरिक खींचतान से बढ़ी मुश्किलें
पार्टी के भीतर यह धारणा बन रही है कि नेतृत्व केवल कुछ चुनिंदा नेताओं पर ही ध्यान दे रहा है। इसी कारण जमीनी कार्यकर्ताओं और विधायकों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है। दतिया से विधायक रहे राजेंद्र भारती की अयोग्यता को रोकने के लिए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा विधानसभा सचिवालय में विरोध दर्ज कराना भी चर्चा में रहा। कुछ नेताओं ने इसे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अधिकारों में हस्तक्षेप के रूप में देखा। इन घटनाओं ने पार्टी के भीतर खींचतान को और स्पष्ट कर दिया है और संगठनात्मक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज्यसभा चुनाव में संभावित समीकरण और चुनौतियां
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस को एक सीट सुरक्षित करने के लिए कम से कम 58 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। वर्तमान स्थिति में राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कांग्रेस के पास 62 विधायकों का समर्थन बचा है। हालांकि अंदरूनी असंतोष और क्रॉस वोटिंग की आशंका पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कुछ समय पहले उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का इस्तीफा भी इसी आंतरिक तनाव का परिणाम बताया जा रहा है। इन घटनाओं ने पार्टी की रणनीति और एकजुटता दोनों को प्रभावित किया है।
संगठन का पक्ष और भविष्य की रणनीति
मध्य प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में संगठन असफल नहीं है। जिन मामलों में कार्रवाई हुई है वे पुराने और व्यक्तिगत कानूनी मामलों से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संगठन में सर्वोपरि है और सभी विधायक संगठन के अंतर्गत ही काम करते हैं। पार्टी का दावा है कि सभी नेता मिलकर आगामी राज्यसभा चुनाव में विपक्षी दल के मंसूबों को विफल करेंगे।


