MP News: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। कांग्रेस के पांच विधायकों की भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar से हुई मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। खास बात यह है कि सभी विधायक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के संभावित दावेदार Kamal Nath के गृह जिले छिंदवाड़ा से आते हैं। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की अटकलें और तेज हो गई हैं।
छिंदवाड़ा के पांच कांग्रेस विधायक एक साथ पहुंचे स्पीकर से मिलने
छिंदवाड़ा जिले के चौरई विधायक सुजीत चौधरी, सौसर विधायक विजय चौरे, परासिया विधायक सोहन वाल्मीक, पांढुर्ना विधायक नीलेश उइके समेत पांच विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से बंद कमरे में मुलाकात की। हालांकि विधायकों ने इसे शिष्टाचार भेंट और विकास कार्यों से जुड़ी चर्चा बताया है। उनका कहना है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के लिए वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं को लेकर बात करने पहुंचे थे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस खेमे में बढ़ी बेचैनी, क्रॉस वोटिंग की आशंका तेज
राज्यसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस खेमे में चिंता बढ़ गई है। विधानसभा में मौजूदा समीकरणों के अनुसार दो सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। लेकिन अगर कुछ विधायक इधर-उधर होते हैं तो समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में पांच कांग्रेस विधायकों की एक साथ हुई मुलाकात को लेकर पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है और इसे साधारण घटना मानने से इनकार किया जा रहा है।
रिसॉर्ट और सर्किट हाउस मुलाकात से बढ़ी राजनीतिक अटकलें
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे पहले विधायकों की एक रिसॉर्ट में भी मुलाकात हुई थी। बाद में सभी विधायकों ने सर्किट हाउस में भी एक साथ चर्चा की और फिर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। लगातार एक साथ दिखने के कारण राजनीतिक हलकों में इसे रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही इस घटनाक्रम को गंभीरता से ले रहे हैं।
विधायकों का दावा—विकास राशि और भेदभाव का उठा मुद्दा
विधायकों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड न मिलने की शिकायत की है। उनका कहना है कि भाजपा विधायकों को लगभग 15 करोड़ रुपये तक की राशि विकास कार्यों के लिए दी जा रही है, जबकि विपक्षी क्षेत्रों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से विकास निधि उपलब्ध कराई जाए ताकि जनता के साथ न्याय हो सके।


