MP News: रेलवे डिवीजन ने 192 किलोमीटर में ABS कवरेज बढ़ाकर हाई-स्पीड ट्रेनों की तैयारी पूरी की

MP News: रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और ट्रेन की गति बढ़ाने की दिशा में दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर पर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया गया है। रतलाम रेलवे डिवीजन के मंगल महूड़ी से अनस तक 41.6 किलोमीटर के सेक्शन पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम (ABS) सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है। इस कार्य के लिए 28 फरवरी को 10 घंटे का मेगा ब्लॉक लगाया गया था। इस नई तकनीक के साथ अब इस सेक्शन में ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी स्वचालित रूप से निर्धारित होगी। इससे न केवल सुरक्षा मानक बढ़ेंगे बल्कि एक ही लाइन पर अधिक ट्रेनों का संचालन भी संभव हो सकेगा।

ABS प्रणाली के विस्तार से बढ़ी रेलवे की क्षमता

गोधरा-नागदा मार्ग पर भी ABS कवरेज को कुल 192.56 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है। रेलवे डिवीजन के पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार, एक ही वित्तीय वर्ष में इतनी लंबाई पर ABS लागू करना अन्य डिवीजनों की तुलना में सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही रेलवे की आधुनिक सुविधाओं को भी बढ़ावा मिला है। मंगल महूड़ी-जकोट, दाहोद-बोर्डी और बोर्डी-अनस सेक्शन पर तीन नए ऑटो हट लगाए गए हैं, जो इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई (IPS) सिस्टम से लैस हैं। इससे बिजली आपूर्ति में लगातार और भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।

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तकनीकी सुधार और आधुनिक इंटरलॉकिंग

सिग्नलिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए मंगल महूड़ी, जकोट, रेतिया, दाहोद, बोर्डी और अनस स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में आवश्यक तकनीकी सुधार किए गए हैं। ABS प्रणाली के माध्यम से अब रेल ट्रैक को छोटे-छोटे ब्लॉक्स में विभाजित किया गया है। जैसे ही कोई ट्रेन किसी ब्लॉक से गुजरती है, अगले ट्रेन के लिए संकेत स्वतः नियंत्रित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया से ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना आसान हो गया है और एक ही सेक्शन पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है।

160 किमी/घंटा की रफ्तार की ओर रेलवे की तैयारी

ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम के लागू होने से दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर पर 160 किमी/घंटा की उच्च गति वाली ट्रेन संचालन की तैयारी एक कदम और करीब पहुंच गई है। इस तकनीक से न केवल ट्रेनों की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि सुरक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार का संकेत है। भविष्य में इसी तरह के सुधार अन्य सेक्शन में भी लागू किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।

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