MP News: इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में फर्स्ट ईयर MBBS के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना 2 फरवरी की शाम की बताई जा रही है. मामला एमजीएम मेडिकल कॉलेज के भीमराव आंबेडकर हॉस्टल ब्लॉक के रूम नंबर 43 का है. घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया और छात्रों के बीच शोक और सन्नाटे का माहौल बन गया. अंतरिक्ष अग्रवाल मूल रूप से ग्वालियर का निवासी था और इंदौर में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था. कॉलेज प्रशासन ने घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई. एक होनहार मेडिकल छात्र की इस तरह अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
कमरे में कैसे मिला छात्र का शव
जानकारी के मुताबिक 2 फरवरी शाम करीब 5 बजकर 30 मिनट पर अंतरिक्ष अग्रवाल का रूममेट कॉलेज से वापस हॉस्टल लौटा. जब उसने कमरे का दरवाजा खोला तो वह अंदर से बंद मिला. कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद आसपास के छात्रों को बुलाया गया और सभी की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया. जैसे ही दरवाजा खुला अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए. छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ था. यह दृश्य देखते ही हॉस्टल में अफरा तफरी मच गई. तुरंत हॉस्टल वार्डन और कॉलेज के डीन को सूचना दी गई. छात्रों का कहना है कि अंतरिक्ष पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर था और अक्सर दबाव में नजर आता था. घटना वाले दिन वह कॉलेज भी नहीं गया था और पूरे दिन कमरे से बाहर नहीं निकला.

पढ़ाई का दबाव और मानसिक तनाव की आशंका
रूममेट और करीबी छात्रों के अनुसार अंतरिक्ष अग्रवाल पिछले कुछ समय से पढ़ाई को लेकर तनाव में था. मेडिकल की पढ़ाई का दबाव और परीक्षा की तैयारी को लेकर वह अक्सर चिंतित रहता था. हालांकि उसने कभी खुलकर किसी से अपनी परेशानी साझा नहीं की. छात्रों का कहना है कि वह शांत स्वभाव का था और अपने काम से काम रखता था. घटना के दिन भी उसने किसी से बातचीत नहीं की थी. इस घटना ने मेडिकल छात्रों के बीच मानसिक दबाव और तनाव के मुद्दे को फिर से सामने ला दिया है. कॉलेज प्रशासन भी इस बात को लेकर चिंतित है कि आखिर ऐसा क्या कारण रहा जिसने एक फर्स्ट ईयर के छात्र को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. फिलहाल सभी इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि यह केवल पढ़ाई का दबाव था या इसके पीछे कोई और वजह भी छिपी हुई है.
पुलिस और फॉरेंसिक जांच जारी
कॉलेज प्रबंधन की ओर से संयोगितागंज थाना पुलिस को तुरंत सूचना दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम मौके पर पहुंची और कमरे की बारीकी से जांच शुरू की. संयोगितागंज एसीपी तुषार सिंह ने एएनआई को बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया था. कमरे की तलाशी ली गई और आसपास मौजूद छात्रों से पूछताछ की जा रही है. फिलहाल किसी सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने मृतक छात्र के परिजनों को ग्वालियर में इस दुखद घटना की जानकारी दे दी है. कॉलेज प्रशासन ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वे जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके. यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है और मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.


