MP News: मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के अतरवा गांव में गुरुवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहां 21 वर्षीय युवक छत्रपति सिंह ने अंधविश्वास और मानसिक तनाव के चलते अपने दो पड़ोसियों पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। वहीं, बीच-बचाव करने आए दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल है। पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
दो और लोग गंभीर रूप से घायल
पुलिस के अनुसार, घटना सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुई। आरोपी ने अपने घर के बाहर दो दिन पहले मिट्टी का चबूतरा बनवाया था और पड़ोसियों से कहा था कि वहां विशेष पूजा-पाठ किया जाएगा। इसी बहाने फूल कुमारी सिंह (50) और केमला सिंह (65) पूजा में शामिल होने पहुंचे। जैसे ही वे चबूतरे पर पहुंचे, आरोपी ने अचानक धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि दोनों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर पास में रहने वाली सुमित्रा सिंह और रामभजन सिंह पहुंचे और आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी हमला हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

आरोपी मानसिक तनाव में था
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले छह महीनों से मानसिक तनाव में था। उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया था और वह गहरे सदमे में चला गया। इस दौरान उसे यह भ्रम होने लगा कि उसके पड़ोसी जादू-टोना कर रहे हैं, जिसके कारण देवी-देवता उससे नाराज हैं और उसके जीवन में अशुभ घटनाएं हो रही हैं। पुलिस का मानना है कि यही मानसिक अस्थिरता और अंधविश्वास उसकी हिंसक प्रवृत्ति का कारण बनी। घटना के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है और उसकी मानसिक स्थिति का विशेष मूल्यांकन किया जा रहा है।
पुलिस ने गांव में की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया जिन्होंने पूजा-पाठ में उपयोग की गई सामग्री, नारियल, अगरबत्ती और अन्य वस्तुएं जब्त की। हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और पुलिस लगातार ग्रामीणों से सहयोग ले रही है।


