MP News: मध्य पूर्व में अमेरिका और इजराइल की तरफ से किए गए हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस खबर के बाद ईरान के अंदर व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। खासकर शिया समुदाय में गहरा शोक और नाराजगी है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खामेनेई के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत में भी विभिन्न राज्यों के लोग सड़क पर उतरकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।
भोपाल में शिया समुदाय ने खामेनेई को दी श्रद्धांजलि
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करोंद स्थित आले मोहम्मद शिया जामा मस्जिद में शिया समुदाय ने खामेनेई के लिए शोक सभा आयोजित की। सभा में उपस्थित लोगों ने ‘अमेरिका और इजराइल मुर्दाबाद’ और ‘खामेनेई जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस अवसर पर इमाम बानकर हुसैन ने कहा कि खामेनेई ने अपनी ज़िंदगी भर अत्याचार और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और मजलूमों का साथ दिया। उन्होंने यह भी बताया कि खामेनेई की शहादत इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों और विचारधारा के लिए अमर प्रतीक बनकर रह जाएगी।

इमामों ने उठाए अमेरिका-इजराइल के खिलाफ आवाज
इमाम सैयद अजहर हुसैनी ने समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि खामेनेई ने कभी किसी फिरके या मिल्लत के आधार पर भेदभाव नहीं किया और हमेशा इंसानियत के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के इस हमले ने केवल ईरान नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मानवता के खिलाफ खतरा पैदा किया है। शोक सभा के बाद लोगों ने जुलूस निकाला और अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। यह घटना पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बैतूल में भी आयोजित हुआ शोक कार्यक्रम
भोपाल के बाद बैतूल जिले में भी शिया समुदाय ने बड़ा शोक कार्यक्रम आयोजित किया। इमाम सैयद सितवत ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि खामेनेई ने गाजा, सीरिया और फिलिस्तीन समेत सभी संघर्षों में न्याय और मानवता के पक्ष में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि खामेनेई किसी बंकर में छिपे नहीं थे बल्कि खुले दफ्तर में न्याय की आवाज बुलंद करने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके निधन की खबर केवल ईरान के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए एक चुनौती है और उनके विचारधारा को लोग आगे बढ़ाएंगे।


