MP News: नीमच CRPF कैंप में मिला कंकाल, 43 दिन से लापता जवान की चौंकाने वाली पहचान

MP News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में उस समय सनसनी फैल गई जब झाड़ियों के बीच एक मानव कंकाल बरामद हुआ। यह खोज रविवार को परिसर में चल रहे सफाई अभियान के दौरान हुई। जैसे ही सफाईकर्मियों की नजर झाड़ियों में पड़े कंकाल पर पड़ी, पूरे कैंप में अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और CRPF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। प्रारंभिक जांच में मामला बेहद संवेदनशील नजर आया क्योंकि यह कंकाल किसी आम व्यक्ति का नहीं बल्कि CRPF के ही एक जवान का हो सकता था।

43 दिन से लापता जवान की हुई पहचान

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कंकाल के पास से एक मोबाइल फोन, कपड़े, जूते और एक अंगूठी मिली। इन वस्तुओं के आधार पर शक और गहरा हुआ। बाद में CRPF अधिकारियों ने 43 दिनों से लापता जवान नंदकिशोर प्रजापति के परिजनों को बुलाया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर मोबाइल फोन, कपड़े, जूते और अंगूठी की पहचान की और पुष्टि की कि यह सामान नंदकिशोर का ही है। इसके बाद यह साफ हो गया कि झाड़ियों में मिला कंकाल लापता जवान नंदकिशोर प्रजापति का ही है। इस पहचान के बाद पूरे कैंप में शोक की लहर दौड़ गई।

MP News: नीमच CRPF कैंप में मिला कंकाल, 43 दिन से लापता जवान की चौंकाने वाली पहचान

संदिग्ध हालात में हुआ था गायब

थाना प्रभारी निलेश अवस्थी ने बताया कि जवान नंदकिशोर प्रजापति 43 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में CRPF कैंप से लापता हो गया था। वह राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम ब्लॉक का रहने वाला था और नीमच के CTC कैंप में तैनात था। जवान के अचानक गायब होने से उस समय भी कई सवाल खड़े हुए थे। साथी जवानों और अधिकारियों द्वारा काफी तलाश की गई लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अब उसी कैंप परिसर के अंदर कंकाल मिलना मामले को और रहस्यमय बना रहा है। सवाल यह है कि जवान की मौत कैसे हुई और इतने दिनों तक उसका पता क्यों नहीं चल पाया।

27 दिसंबर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

CRPF अधिकारियों ने बताया कि नंदकिशोर प्रजापति की गुमशुदगी की रिपोर्ट 27 दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस और CRPF की ओर से अलग अलग स्तर पर जांच की गई लेकिन कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई। अब कंकाल मिलने के बाद पूरे मामले की नए सिरे से गहन जांच शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जवान की मौत दुर्घटना थी आत्महत्या या किसी साजिश का नतीजा। फिलहाल यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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