MP News: राजधानी के पास मिसरोद गांव में बुधवार शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब साध्वी रंजना और उनके शिष्यों पर कुछ बदमाशों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि यह विवाद ओवरटेक को लेकर शुरू हुआ। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उनकी कार में तोड़फोड़ भी की। शिष्यों का यह भी कहना है कि आरोपियों ने चालक के साथ धक्का-मुक्की की और एक शिष्या की चेन छीन ली। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
पुलिस के अनुसार साध्वी रंजना बुधवार शाम सलैया में एक कार्यक्रम से लौट रही थीं और पेबल बे स्थित अपने निवास जा रही थीं। उनके साथ दो अन्य साध्वियां और एक शिष्य मौजूद था जो वाहन चला रहा था। शाम करीब साढ़े चार बजे जब उनकी कार मिसरोद गांव पहुंची, सामने से एक अन्य कार आ रही थी। रास्ता संकरा होने के कारण उनके चालक ने सामने वाली गाड़ी को पहले निकलने के लिए वाहन रोक लिया। इसी दौरान पीछे से आई एक कार में सवार कुछ लोगों ने अचानक उनकी कार पर हमला शुरू कर दिया।

बदसलूकी और मारपीट के आरोप
बताया जा रहा है कि जब चालक और एक साध्वी ने हमलावरों से बात करने की कोशिश की तो वे कार से उतर आए और गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और स्थिति को और बिगाड़ दिया। जब साध्वी रंजना और उनके शिष्य ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कार के शीशे तोड़े गए और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना से साध्वी और उनके अनुयायी बेहद आहत हुए।
पुलिस की देरी और विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने मिसरोद थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने करीब छह घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। देर रात पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू करने की बात कही। इस पूरे घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।


