MP News: मध्यप्रदेश के सीधी जिले की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ने वो कर दिखाया जो सालों से कोई नेता या अधिकारी नहीं कर सका। लीला पिछले एक साल से अपने गांव में सड़क बनवाने की मांग कर रही थीं। लेकिन जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाया। गांव की हालत दिखाने के लिए उन्होंने वीडियो बनाए और सरकार से सवाल पूछे।
जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो भड़की लीला की पीड़ा
लीला साहू खुद गर्भवती हैं और उनका कहना है कि जब जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस उनके घर नहीं पहुंच सकी तो उन्होंने ठान लिया कि अब चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने बताया कि गांव में 6 महिलाएं और भी गर्भवती हैं लेकिन खराब सड़कों के कारण एंबुलेंस भी वहां तक नहीं पहुंच पाती। यही वजह थी कि उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर सांसद और जिला कलेक्टर तक से अपील की।
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सोशल मीडिया से उठी चिंगारी बनी आंदोलन
लीला ने सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो शेयर किए। एक वीडियो में उनके पीछे एक बुलडोजर चल रहा था जिससे गांव में सड़क निर्माण का काम शुरू होता नजर आ रहा था। यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों का समर्थन भी मिला। सरकार पर सवाल उठने लगे और दबाव बढ़ने लगा। सोशल मीडिया से निकली इस आवाज ने प्रशासन को आखिरकार झुकने पर मजबूर कर दिया।
नेता के विवादित बयान ने भड़काई और आग
जब लीला की मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो सांसद राजेश मिश्रा का एक विवादित बयान सामने आया। इससे मामला और गर्म हो गया। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा हुई। जनता का गुस्सा और बढ़ा और लीला को और अधिक समर्थन मिला। इस जनदबाव ने अंततः सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
अब गांव में गूंज रही है उम्मीद की आहट
आज लीला का सपना हकीकत बन रहा है। उनके गांव बगइया टोला से गजरी तक की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। लीला ने सोशल मीडिया पर खुद यह जानकारी दी है और गांव वालों की ओर से भी खुशी जताई जा रही है। यह संघर्ष दिखाता है कि अगर आवाज बुलंद हो और इरादा मजबूत तो बदलाव नामुमकिन नहीं।


