MP News: रीवा की घाटियों में बजेगी सैलानियों की घंटी, 3000 करोड़ के निवेश से बदलेगा पर्यटन का नक्शा

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने रीवा और शहडोल संभाग को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रीवा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं जो इन क्षेत्रों की आर्थिक और पर्यटन संरचना को बदलने का संकेत है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को सभी निवेशकों को आवंटन पत्र सौंपे जिससे इस विकास योजना को वास्तविकता में बदलने की शुरुआत हो गई है।

निवेशकों में दिखा जबरदस्त उत्साह

कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने रीवा और शहडोल संभाग में 2710 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की इच्छा जताई। Flyola के मैनेजिंग डायरेक्टर राम ओला ने सबसे बड़ा निवेश ₹700 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। इसी तरह RCRCPL और विंध्य प्राइड के दिव्यांश सिंह बघेल और अमित दिग्विजय सिंह ने ₹500-₹500 करोड़ निवेश की घोषणा की। इससे साफ है कि यह क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

MP News: रीवा की घाटियों में बजेगी सैलानियों की घंटी, 3000 करोड़ के निवेश से बदलेगा पर्यटन का नक्शा

 छोटे और मध्यम स्तर के निवेशक भी आगे

सिर्फ बड़े नहीं बल्कि कई मध्यम और छोटे निवेशक भी इन क्षेत्रों में रुचि दिखा रहे हैं। संदरिया बिल्डर्स के अजित संदरिया ने ₹300 करोड़, जंगल कैंप इंडिया के गजेन्द्र सिंह राठौर ने ₹150 करोड़, और तथास्तु रिसॉर्ट के अनिल अग्रवाल ने ₹150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा कई निवेशकों ने ₹100 करोड़ से ₹10 करोड़ तक के निवेश की बात की है। यह दिखाता है कि रीवा और शहडोल की पर्यटन क्षमता पर सभी स्तर के निवेशकों को भरोसा है।

रोजगार और आर्थिक समृद्धि की नयी उम्मीद

इस परियोजना से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नौकरियां मिलेंगी। होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर स्पॉट्स, इको पार्क और हेरिटेज प्रॉपर्टी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। इससे रीवा और शहडोल की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलेगी।

सरकार देगी हरसंभव सहयोग

राज्य सरकार ने वादा किया है कि वह सभी निवेशकों को पूरी सहायता देगी ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें। रीवा और शहडोल की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की योजना है। यह पहल ना केवल क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर लाएगी बल्कि समग्र विकास का भी जरिया बनेगी।

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