MP News: मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ता अब आने वाले महीनों में अपने बिजली बिल में बढ़ोतरी का सामना कर सकते हैं। केंद्रीय विद्युत अधिनियम-2025 के तहत नए नियमों में कहा गया है कि यदि कोई उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड से तीन बार ज्यादा बिजली का उपयोग करता है, तो उसका लोड स्वचालित रूप से अपडेट हो जाएगा। इसमें किसी कर्मचारी या आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। स्मार्ट मीटर अपने आप उपभोक्ता के अधिकतम रिकॉर्डेड लोड के आधार पर बिल तय कर देंगे। इस व्यवस्था से हर महीने उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ पड़ेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज का नया गणित
वर्तमान में 1 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन पर 150 यूनिट तक के उपयोग के लिए ₹129 फिक्स्ड चार्ज लगता है। लेकिन अगर उपभोक्ता 151 यूनिट से ऊपर बिजली का उपयोग करता है, तो हर अतिरिक्त 0.1 किलोवाट (15 यूनिट) पर ₹28 अतिरिक्त चार्ज देना होगा। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ता ने 300 यूनिट का उपयोग किया, तो उसे ₹280 अतिरिक्त चार्ज देना होगा। यह ₹280 मूल ₹129 के ऊपर जुड़ जाएगा और कुल बिल ₹409 बन जाएगा। वहीं यदि किसी उपभोक्ता ने तीन बार 2 किलोवाट लोड इस्तेमाल किया, तो उसका स्वीकृत लोड अपने आप बढ़कर 2 किलोवाट हो जाएगा और फिक्स्ड चार्ज उसी आधार पर लगेगा।
बड़ी लोड वृद्धि पर बिल में भारी बढ़ोतरी
अगर कोई घरेलू उपभोक्ता 2 किलोवाट के स्वीकृत लोड वाले कनेक्शन में वर्ष में तीन बार 5 किलोवाट का लोड इस्तेमाल करता है, तो साल के अंत में उसका स्वीकृत लोड 5 किलोवाट हो जाएगा। इससे जो पहले ₹72 फिक्स्ड चार्ज देते थे, अब उन्हें ₹280 देना होगा। फिक्स्ड चार्ज हमेशा स्वीकृत लोड के आधार पर तय होता है, चाहे उपभोक्ता ने कम बिजली ही क्यों न खपत की हो। बड़े संस्थानों के लिए 10 किलोवाट तक ₹162 प्रति किलोवाट फिक्स्ड चार्ज लगेगा। 10 किलोवाट से अधिक लोड पर प्रति किलोवाट ₹281 चार्ज लागू होगा।
शासन और आयोग की भूमिका, जनता से सुझाव आमंत्रित
मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) के सचिव उमाकांत पांडा ने बताया कि केंद्रीय नियमों के अनुसार सभी प्रावधान जनता की राय और आपत्तियों के आधार पर बनाए जाते हैं। फिक्स्ड चार्ज बढ़ाने या लोड अपडेट करने के मामलों में नियामक आयोग आवश्यक प्रावधान तय करेगा। साथ ही जनता को सलाह दी गई है कि वे नई विद्युत दरों और स्मार्ट मीटर अपडेट के बारे में पूरी जानकारी रखें। अधिकारी यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ही नई दरों को लागू किया जाएगा।


