MP news: दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा नगर में अचानक से उल्टी और दस्त की बीमारी ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। वार्ड क्रमांक 3, 4 और 8 इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बीते दो दिनों में लगभग 60 लोगों के बीमार होने की सूचना है जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
दूषित पानी बना खतरे की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बीमारी पीने के दूषित पानी और आसपास फैली गंदगी के कारण फैल रही है। वार्ड में पानी की सप्लाई के समय नालियों से बदबूदार और मैला पानी पाइप में आ रहा है। लोग इसी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं जिससे उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ा है।
प्रशासन की देर से जागरूकता
शुरुआती घंटों में प्रशासन की तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली लेकिन जब संख्या बढ़ने लगी तो स्वास्थ्य विभाग और नगरपालिका की टीम हरकत में आई। बीमार लोगों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक इलाज शुरू किया जिससे अधिकांश मरीजों की हालत में सुधार आया।

अब तक कितने लोग प्रभावित हुए
अब तक 60 के करीब लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 56 लोग इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं जबकि 4 मरीजों का इलाज अभी भी जारी है। हालांकि स्थिति अब नियंत्रण में है लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं।
गांव वालों की मांग और नाराजगी
स्थानीय निवासियों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि नगरपालिका द्वारा लंबे समय से जल निकासी की समस्या को नजरअंदाज किया गया है। नालियों की सफाई नहीं होती और पानी की पाइपलाइनें टूटी हुई हैं। लोगों ने यह मांग की है कि पानी की सप्लाई से पहले उसकी जांच की जाए और गंदगी पर नियंत्रण किया जाए।
सफाई और दवाइयों का काम शुरू
प्रशासन ने अब तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। नगरपालिका ने सफाई कर्मचारियों को प्रभावित वार्डों में भेजा है और दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार वार्ड का दौरा कर रही है और लोगों को ORS के पैकेट और जरूरी दवाएं वितरित की जा रही हैं। एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम अलर्ट पर है ताकि किसी भी इमरजेंसी से निपटा जा सके।
जनता को दी गई सलाह
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से साफ पानी पीने और खाने में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही बर्तन और पानी की टंकियों की सफाई नियमित रूप से करने को कहा गया है। क्षेत्र में फिलहाल हेल्थ अलर्ट जारी कर दिया गया है और किसी को भी बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाने की अपील की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगरपालिका अधिकारी और तहसीलदार ने बताया कि जांच के लिए पानी के सैंपल लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद जो भी लापरवाही सामने आएगी उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पानी की पाइपलाइनों की मरम्मत और सफाई कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश भी दे दिया गया है।
स्थिति नियंत्रण में लेकिन सतर्कता जरूरी
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में मानी जा रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में निगरानी रखेगी। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील की है और बीमारी की किसी भी जानकारी को छिपाने से मना किया है। लोगों को फिलहाल उबला पानी पीने की सलाह दी गई है।


