MP News: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में सक्रिय तीन मौसमीय सिस्टम के कारण कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में देखने को मिल रहा है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है वहीं कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित भी हुआ है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर समेत करीब 18 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को भी कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला जहां तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में अच्छी बारिश हुई जबकि रतलाम में धूल भरी हवाओं ने लोगों को परेशान किया।
तेज हवाओं और आंधी का बढ़ता असर
आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में सिर्फ बारिश ही नहीं बल्कि तेज आंधी चलने के भी आसार हैं। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर बाद मौसम में ज्यादा बदलाव देखने को मिलेगा। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
नए सिस्टम और भविष्य का मौसम ट्रेंड
मौसम विभाग का कहना है कि 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसका असर प्रदेश के मौसम पर फिर से देखने को मिलेगा। इससे आने वाले दिनों में बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है। सामान्यतः अप्रैल और मई के महीनों में तापमान बढ़ता है लेकिन इस बार लगातार सक्रिय मौसमीय सिस्टम के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मार्च के अंत में जहां तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया था वहीं हाल के दिनों में बादलों और बारिश की वजह से इसमें गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी और मार्च में भी कई बार मौसम बदला था जिससे फसलों को नुकसान हुआ था और अब अप्रैल में भी यही ट्रेंड जारी है।


