भोपाल नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। शहर भर में किए गए सर्वे के बाद अब तक 8 हजार से अधिक संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और सुनवाई के बाद ही सीलिंग जैसी अंतिम कार्रवाई की जाएगी।
सुनवाई और नियमबद्ध प्रक्रिया
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संपत्ति को सीधे सील नहीं किया जाएगा। पहले नोटिस के जरिए संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप गुण-दोष के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
व्यापारियों का विरोध और रहवासियों का समर्थन
इस कार्रवाई को लेकर शहर में दो विपरीत प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां व्यापारी वर्ग इसे रोजगार पर संकट बताते हुए नियमितीकरण की मांग कर रहा है, वहीं रहवासी संगठन अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के लिए नगर निगम के समर्थन में रैलियां निकाल रहे हैं।