MP Rani Kushwaha Suicide: करीब पंद्रह दिन पहले रानी की मां ने मनोज कुशवाहा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाया और उसके घरवालों को नोटिस भी भेजा। मगर गांव के सामाजिक दबाव के चलते दोनों पक्षों में समझौता हो गया। समझौते के बाद भी आरोपी ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं और फिर से रानी को परेशान करने लगा। पुलिस की इस ढिलाई और सामाजिक दबाव के कारण रानी को न्याय नहीं मिल सका।
डिप्रेशन में आकर ली जान

रानी के परिवार का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से बेहद चुप और मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। उसे नींद नहीं आती थी और उसने बात करना भी कम कर दिया था। इसी डिप्रेशन की स्थिति में रानी ने शनिवार को अपने कमरे में फांसी लगा ली। परिवार ने जब उसे देखा तो वह फंदे से लटकी हुई थी। गंभीर हालत में उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इंसाफ की मांग, प्रशासन से कार्रवाई की अपील
रानी की आत्महत्या के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। रानी के चाचा जीवनलाल कुशवाहा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “हमारी बेटी को न्याय मिलना चाहिए ताकि किसी और बेटी के साथ ऐसा न हो।” पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। जांच अधिकारी गजेन्द्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


