MP smart meter scam: राज्य भर में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक 18 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सरकार का लक्ष्य 2027 तक 50 लाख मीटर लगाने का है। लेकिन इन मीटरों के साथ अब शिकायतों की झड़ी लग गई है। भोपाल के नारियलखेड़ा क्षेत्र में जब टीवी चैनल की टीम पहुंची, तो दर्जनों लोग बिजली बिलों की बढ़ोत्तरी से परेशान दिखे।
लोगों की आपबीती: न एसी, न कूलर, फिर भी हजारों का बिल
स्थानीय लोगों ने बताया कि उनका बिजली का उपभोग बिल्कुल पहले जैसा है, लेकिन पहले जहां ₹300 आता था, अब बिल ₹12,000 से ₹15,000 तक पहुँच गया है। एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी मां की मृत्यु के कारण वे एक दिन देर से बिल जमा कर पाए और विभाग ने तुरंत बिजली काट दी। यह अमानवीय रवैया भी लोगों के आक्रोश का कारण बन रहा है।

बढ़ते गुस्से की तस्वीर: कहीं प्रदर्शन तो कहीं कलेक्टर कार्यालय का घेराव
भोपाल में तो बिजली विभाग के दफ्तरों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं, जहां लोग बिल कम कराने की गुहार लगा रहे हैं। वहीं सीहोर में नाराज़ लोगों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। बुरहानपुर में कांग्रेस ने नगर बंद का आह्वान किया, जिसका असर भी देखने को मिला। लोगों का साफ कहना है कि स्मार्ट मीटर आने के बाद से ही बिल बढ़ा है।
बिजली विभाग ने क्या कहा?
बिजली विभाग के सीनियर पीआरओ मनोज द्विवेदी ने बताया कि सागर और विदिशा जैसे क्षेत्रों से शिकायतें आई थीं, जिन्हें सुलझा लिया गया है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर सही तरीके से कार्य कर रहे हैं और यदि किसी अन्य क्षेत्र से शिकायत आती है तो जांच की जाएगी|
सरकार भी चिंतित, मंत्री ने जांच की मांग की
जब इस मामले पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री लक्ष्मण पटेल से सवाल किया गया तो उन्होंने भी माना कि उन्हें भी बिजली बिल बढ़ने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मैंने विभाग को जांच के लिए कहा है।” जब स्वयं मंत्री इस बात को स्वीकार कर रहे हैं, तो बिजली विभाग को गंभीरता से जनता की परेशानी को समझना होगा।
क्या स्मार्ट मीटर हैं सही या गड़बड़झाला?
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में तकनीकी रूप से कोई गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन यदि इतने बड़े स्तर पर शिकायतें आ रही हैं तो यह व्यवस्थागत समस्या हो सकती है। साथ ही, यदि बिल सिस्टम या रीडिंग में गड़बड़ी है, तो इसके प्रशासनिक समाधान निकालना जरूरी है।


