MP Weather Alert 27 जिलों में तूफान बारिश और ओलावृष्टि का खतरा प्रशासन अलर्ट पर

MP Weather Alert: मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण ओलावृष्टि भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। शनिवार को बैतूल श्योपुर और मुरैना सहित कई जिलों में ओले गिरे और करीब 20 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गईं। कई स्थानों पर ओलों की वजह से सड़कों पर सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई जिससे पूरा दृश्य बदल गया। चंबल नर्मदापुरम और बुंदेलखंड क्षेत्रों में भी इसका व्यापक असर देखा गया। खेतों में खड़ी फसलें और खलिहानों में रखा अनाज भारी नुकसान की चपेट में आ गया है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

इन जिलों में आज मौसम में बदलाव की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार आज दोपहर के बाद ग्वालियर भिंड मुरैना दतिया निवाड़ी छतरपुर पन्ना सतना रीवा सीधी सिंगरौली शहडोल उमरिया अनूपपुर मंडला बालाघाट छिंदवाड़ा नर्मदापुरम बैतूल हरदा खंडवा और बुरहानपुर सहित कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। इन क्षेत्रों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बारिश और ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।

मौसम के बिगड़ने के पीछे का कारण

राज्य में मौसम के इस अचानक बदलाव के पीछे एक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली जिम्मेदार है। इस सिस्टम के प्रभाव से सुबह से ही कई इलाकों में बादल छाए रहे और दोपहर के बाद मौसम की गतिविधियां तेज हो गईं। वातावरण में नमी और दबाव के असंतुलन के कारण गरज चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। यही कारण है कि कई जिलों में मौसम स्थिर नहीं रह पा रहा है और बार बार बदल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति अस्थायी है लेकिन इसके प्रभाव अगले कुछ दिनों तक देखने को मिल सकते हैं।

आगे का मौसम और भविष्य की स्थिति

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं का यह दौर 8 अप्रैल तक जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके अलावा 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जो 10 से 11 अप्रैल तक मौसम में उतार चढ़ाव बनाए रखेगा। इसके बाद सिस्टम कमजोर होगा और तापमान में तेजी से वृद्धि देखने को मिलेगी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर चंबल और मालवा निमाड़ क्षेत्रों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है जिससे गर्मी का असर और तेज हो सकता है।

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