Mp weather: मध्य प्रदेश में बारिश पर ब्रेक, तापमान ने तोड़ा 35 डिग्री का आंकड़ा

Mp weather: मध्य प्रदेश में इस समय भारी बारिश का कोई असर नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल कोई मजबूत वर्षा प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसकी वजह से प्रदेश के किसी भी हिस्से में तेज बारिश नहीं हो रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेन्द्रन के मुताबिक फिलहाल ट्रफ और चक्रवातीय प्रणाली सक्रिय तो हैं लेकिन इनका प्रभाव मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ा है। इसलिए अब 10 अगस्त तक हल्की बूंदाबांदी के अलावा किसी बड़ी बारिश की संभावना नहीं है। शिवपुरी में बुधवार को हल्की फुहारें पड़ीं लेकिन अन्य जिलों में मौसम शुष्क ही रहा।

तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी का एहसास

बारिश की कमी के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में तेजी देखी जा रही है। खजुराहो में पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया। ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, दमोह, रीवा और सतना जैसे शहरों में तापमान 33 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री रहा। नर्मदापुरम, जबलपुर, मंडला और टीकमगढ़ में पारा 34 डिग्री के पार चला गया है। लोगों को दिन के समय तेज धूप और उमस का सामना करना पड़ रहा है जिससे गर्मी दोबारा लौट आई है।

वर्षा वितरण में पूर्व और पश्चिम में अंतर

राज्य के पूर्वी हिस्से जैसे जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा डिवीजन में औसत से 45% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्सों में यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम डिवीजनों में 36% अधिक वर्षा हुई है। हालांकि कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां बारिश अभी भी अपेक्षा से कम है। खासकर इंदौर और उज्जैन मंडल में बारिश की तस्वीर संतोषजनक नहीं है जिससे किसानों की चिंता बढ़ रही है।

अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में राज्य में औसतन 28.7 इंच बारिश हो चुकी है जबकि सामान्यत: 20.5 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस हिसाब से राज्य में अब तक 8.2 इंच ज्यादा पानी गिर चुका है। हालांकि पूरे सीजन का औसत 37 इंच माना जाता है। इसका मतलब है कि बारिश अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है और आने वाले हफ्तों में स्थिति बदल सकती है।

गुना और निवाड़ी में सबसे ज्यादा बारिश

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार गुना जिले में अब तक सबसे अधिक 45.8 इंच बारिश हुई है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला और टीकमगढ़ में 44 इंच जबकि अशोकनगर में 42 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इन जिलों में बारिश का स्तर सामान्य से काफी ऊपर है जिससे वहां की फसलें अच्छी स्थिति में हैं। आने वाले दिनों में अगर फिर से मानसून सक्रिय होता है तो बाकी जिलों में भी हालात सुधर सकते हैं।

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