MP Weather: ग्वालियर से भोपाल तक मौसम का कहर कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि संभव

MP Weather: मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। रविवार को ग्वालियर समेत कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से इसका असर और अधिक तेज होने की संभावना है। यह बदलाव कई मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण देखने को मिल रहा है।

अगले 24 घंटों में कई जिलों में ओले और तेज बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए खास अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर चंबल संभाग के भिंड और दतिया जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल और जबलपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता इस मौसम बदलाव की मुख्य वजह बताई जा रही है। इन सभी सिस्टम्स के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में लगातार अस्थिरता बनी हुई है।

ग्वालियर से लेकर इंदौर तक कई संभागों में असर जारी रहेगा

30 मार्च से सक्रिय हुआ यह मौसम सिस्टम प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। ग्वालियर चंबल भोपाल इंदौर उज्जैन नर्मदापुरम जबलपुर सागर रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में 2 अप्रैल तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

तापमान में गिरावट से राहत लेकिन फसलों को नुकसान की आशंका

लगातार बदलते मौसम के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। वर्तमान में कई शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है जबकि मंडला में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल इंदौर ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच है। हालांकि इस राहत के बीच किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है क्योंकि मार्च में अब तक 45 से अधिक जिलों में बारिश और 17 जिलों में ओलावृष्टि से गेहूं पपीता और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक यह बदलाव जारी रह सकता है और उसके बाद भीषण गर्मी लौटने की संभावना है।

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