MP News: 5 किलो तक वजन और हजारों की कीमत, नूरजहां आम की कहानी कर देगी हैरान

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By Input Published On: June 15, 2026
MP News: 5 किलो तक वजन और हजारों की कीमत, नूरजहां आम की कहानी कर देगी हैरान

MP News: जब आम की बात होती है तो स्वाद और मिठास सबसे पहले याद आती है। लेकिन मध्य प्रदेश का नूरजहां आम अपने स्वाद से ज्यादा अपने विशाल आकार और हैरान कर देने वाली कीमत के कारण चर्चा में है। यही वजह है कि इसे देखने और खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं।

मध्य प्रदेश का अनोखा आम बना आकर्षण का केंद्र

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के काठीवाड़ा क्षेत्र में उगाया जाने वाला नूरजहां आम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यह आम अपने असाधारण आकार और सीमित उपलब्धता के कारण देशभर के फल प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है। आम का मौसम शुरू होते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है।

3 से 5 किलो तक पहुंच जाता है वजन

नूरजहां आम की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल आकार है। सामान्य आम जहां कुछ सौ ग्राम के होते हैं वहीं नूरजहां आम का वजन 3 से 5 किलो तक पहुंच सकता है। कई बार इसका आकार इतना बड़ा होता है कि यह एक छोटे पपीते जैसा दिखाई देता है। यही कारण है कि इसे देखने वाले पहली नजर में हैरान रह जाते हैं।

कैसे पड़ा नूरजहां नाम?

इस आम की कहानी भी काफी दिलचस्प है। बाग मालिक शिवराज सिंह जाधव के अनुसार उनके पिता ने करीब 50 साल पहले जहांगीर और गुजरात के प्रसिद्ध राजापुरी आम की ग्राफ्टिंग कर एक नई किस्म तैयार की थी। बाद में इस खास प्रजाति का नाम मशहूर गायिका और अभिनेत्री नूरजहां के नाम पर रखा गया।

कीमत भी बनाती है इसे खास

नूरजहां आम केवल आकार में ही बड़ा नहीं है बल्कि इसकी कीमत भी इसे खास बनाती है। बाजार में एक आम की कीमत 1500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक पहुंच जाती है। सीमित उत्पादन और बढ़ती मांग के कारण कई खरीदार इसकी अग्रिम बुकिंग तक कराते हैं।

देश में केवल तीन पेड़ों का दावा

शिवराज सिंह जाधव का दावा है कि देश में नूरजहां आम के केवल तीन पेड़ मौजूद हैं और तीनों उनके बाग में हैं। इस किस्म को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए लेकिन अब तक नए पौधे विकसित नहीं हो सके। यही वजह है कि इसकी उपलब्धता बेहद सीमित बनी हुई है।

राष्ट्रीय पहचान दिला चुका है यह आम

अपने अनोखे आकार, शानदार स्वाद और सुगंध के कारण नूरजहां आम राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। इसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। बागवानी विशेषज्ञ इसे भारत की सबसे अनोखी आम प्रजातियों में से एक मानते हैं।