शनि त्रयोदशी पर करें शनिदेव को प्रसन्न, 2025 में होगी धन वर्षा

इंदौर। पौष माह की त्रयोदशी तिथि, जो शनिवार को आती है, उसे शनी त्रयोदशी कहा जाता है और यह हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान शिव और शनि महाराज की पूजा का विशेष महत्व है।

मान्यता है कि इस दिन की पूजा से न केवल नए साल में धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि घर में सुख-शांति और नौकरी व व्यापार में उन्नति भी होती है। यदि आप चाहते हैं कि नया साल 2025 आपके लिए आर्थिक रूप से मजबूत और मंगलकारी हो, तो शनी त्रयोदशी पर विशेष पूजा और उपाय जरूर करें।

2024 में शनी त्रयोदशी का दिन
शनि देव को न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। कहा जाता है कि शनि देव भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अच्छे कर्म करने से शुभ फल मिलता है, जबकि बुरे कर्म करने से दंड मिलता है। शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं। 2024 में शनी त्रयोदशी 28 दिसंबर, शनिवार को है।

शनी त्रयोदशी पर करें ये उपाय
इस दिन किए गए उपाय न केवल शनि दोष, साढ़ेसाती और के प्रभाव को कम करते हैं, बल्कि शनि की अशुभ स्थिति से भी राहत दिलाते हैं।

नए साल 2025 को सफल और सकारात्मक बनाने के लिए, दिसंबर के आखिरी महीने के आखिरी शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा, शनि मंदिर जाकर शनि देव की मूर्ति पर सरसों का तेल, काला तिल और नीला फूल अर्पित करें। शनि चालीसा का पाठ करें और शनि देव के किसी एक मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होगी और जीवन में शुभ फल मिलेंगे।

दान का महत्व
शनी त्रयोदशी के दिन दान का भी विशेष महत्व है। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।

आप काला तिल, सरसों का तेल, लोहे की वस्तुएं, काला कपड़ा, उड़द की दाल और जरूरतमंदों को जूते-चप्पल का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं का दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है, नकारात्मकता दूर होती है और नए साल में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

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