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वन विभाग की आयुर्वेदिक औषधि दुकानों पर छापेमारी में कई जानवरों के अंग बरामद 

Ayurvedic

रतलाम | मध्यप्रदेश में वन विभाग ने 2 आयुर्वेदिक औषधि दुकानों पर छापामार कार्रवाई की और दोनों ही दुकानों से एनिमल ऑर्गन्स और अन्य प्रतिबंधित समान जब्त किया. दिल्ली से आई वाइल्ड इंडिया की टीम ने रतलाम आकर पुलिस व वन विभाग की टीम के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया. दरअसल दिल्ली की वाइल्ड लाइन इंडिया को मुखबिर मिली थी कि रतलाम में आयुर्वेदिक दुकान की आड़ में एनिमल ऑर्गन्स के अवैध कारोबार चल रहा है. इसी सूचना पर दिल्ली की वाइल्ड लाइन इंडिया की टीम रतलाम आयी और इसकी जानकारी पुलिस और वन विभाग को दी. इसमे बाद साथ पुलिस व वन विभाग के अमले ने दोनों दुकानों पर दबिश दी|

दबिश की कार्रवाई में रतलाम की दोनों आयुर्वेदिक दुकानों से एनिमल ऑर्गन्स के साथ अन्य प्रतिबंधित चीजें भी जब्त हुई. पहली कार्रवाई रतलाम के माणकचौक में आयुर्वेदिक औषधि रखने वाले हकीमुद्दीन गुलाम अली के दुकान पर हुई. इसके बाद वन विभाग की दूसरी कार्रवाई शहर के चौमुखी पूल स्थित पटवा आयुर्वेदिक औषधि दुकान पर की गई.

दुकान पर हुई छापेमार कार्रवाई में माणकचौक की गुलाम अली की दुकान से बारहसिंगा के सिंग-2, शेर के नाखून-2, उल्लू के नाखून-2, इंदरजाल-4, सियार सिंगी-7, हत्था जोड़ी-5, जंगली बिल्ली पित्त-1 जब्त की गई. वहीं दूसरी चौमुखीपुल कमल पटवा की दुकान से  हत्था जोड़ी-19, बारह सिंगा के सींग के टुकड़े- 24, मोलस्का- 2860 ग्राम, फायर कोरल- 755 ग्राम, कूट पौधे के टुकड़े- 196 ग्राम जब्त किए.

सभी जब्त एनिमल ऑर्गन्स व प्लांट की खरीदी बिक्री प्रतिबंधित है.  इसके बाद भी यह सभी प्रतिबंधित एनिमल ऑर्गन्स और प्लांट को अवैध तरीके से खरीद कर बेचा जा रहा था. वन विभाग ने इस मामले में दोनों दुकान संचालकों से पूछताछ शुरू की है, जिसमें पता लगाया जा रहा है कि यह कहां से लाये जा रहे थे और कितने में बेचे जाते थे बता दें कि जब्त एनिमल ऑर्गन्स में ज्यादातर तंत्र मंत्र क्रिया उपयोग के लिए कालाबाज़ारी होती है. वहीं प्लांट व अन्य सामग्री की ड्रग के रूप में उपयोग के लिए कालाबाज़ारी की जाती है. सूत्रों की माने तो इन सभी की ब्लैक मार्किट में लाखों की कीमत या इससे भी कही ज्यादा हो सकती है|

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