ग्वालियर। ग्वालियर में किसी और के नाम पर दर्ज RNI (रजिस्ट्रार ऑफ न्यूज पेपर फॉर इंडिया) नंबर पर अखबार छापने और लोगों को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। सप्ताहिक अखबार चेतना की आवाज के संपादक पर जनकगंज थाना में मामला दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ अखबार को जरिया बनाकर ब्लैकमेलिंग की शिकायतें पहुंची थीं। जिस RNI नंबर से अखबार संचालित हो रहा था उसका मुद्रक, प्रकाशक एवं संपादक सूचना एवं मंत्रालय में शेख इरशाद उस्मानी बताया गया है। इसके बाद पुलिस ने फेक RNI नंबर पर अखबार संचालित करने और उसकी आड़ में लोगों को ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किया गया है।
शहर के साकेत नगर निवासी संतोष सिंह सिकरवार ने जनकगंज थाने में शिकायत की थी कि ग्वालियर में संचालित सप्ताहिक अखबार चेतना की आवाज फेक RNI नंबर से संचालित हो रहा है। इसका संपादक जयप्रकाश मोर्य खबर छापने या प्रकाशन के नाम पर कुछ लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। पुलिस के पास जब यह मामला पहुंचा तो जनकगंज थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने मामले की जांच कराई। सबसे पहले चेतना की आवाज का RNI नंबर MPHIN/54105 की जांच कराई। नई दिल्ली में भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक का कार्यालय (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) से जानकारी मिली कि यह RNI नंबर प्रकाशन के स्वामी मुद्रक, प्रकाशक व संपादक कोई शेख इरशाद उस्मानी हैं। जिसके बाद फेक RNI नंबर पर समाचार पत्र संचालित होने का पता लगा।
बयानों में यह कांड भी आए सामने
चेतना की आवाज की आड़ में जयप्रकाश मोर्य के खिलाफ कुछ लोगों ने बयान दिए। जिनमें ट्रांसपोर्टर चार शहर का नाका निवासी रवि सिकरवार ने बयान दिया कि जेपी मोर्य ने उनके ट्रक MP07 HB-5899 को रोककर खबर छापने के नाम पर 5 हजार रुपए ऐंठे। इसके अलावा छोटू रावत निवासी पनिहार ने बयान दिया कि जेपी मोर्य ने उनके ट्रक UP93 BT-1054 को रोककर अवैध वसूली की। इन बयानों के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं 417, 465, 468, 384, 389 के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में थाना प्रभारी जनकगंज आलोक सिंह परिहार का कहना है कि गलत RNI नंबर पर एक अखबार संचालित होता मिला था। कुछ लोगों ने अखबार की आड़ पर ब्लैकमेलिंग का आरोप भी लगाया था। मामले की जांच की गई तो यह RNI नंबर किसी और के नाम पर मिला। अभी मामला दर्ज कर लिया है साथ ही और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
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