पुलिस की बड़ी कारवाही, लोन के नाम पर करोडो की ठगी करने वाला गिरहो गिरफ्तार

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भोपाल। करोडों की ठगी करने वाला एक शातिर हाइटेक जालसाज गिरोह को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरहो के मुख्य आरोपी डेविड कुमार जाटव (21) ने बीकॉम से अपनी ग्रेजुएशन करके गाजियाबाद में ये फर्जी वेबसाइट बनाने का काम शुरू किया। उसके साथ उनकी मंगेतर नेहा भट्ट (23) ने बीए किया है और वो इस फर्जी कंपनी के प्रबंधन के तौर पर  काम कर रही थी। नेहा की बहन मनिषा भट्ट (27) ने भी बीए किया और उत्तराखंड में कॉल सेंटर को संभाला।इस गिरहो का आरोपी कमल कश्यप फरार है जो डेविड कुमार जाटव को फर्जी अकाउंट और सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था। इस गिरहो ने अब तक 10 हजार लोगों से लोने के नाम पर धोखाधडी की। आरोपियों ने धोखाधडी हेतु दो कॉल सेंटर खोल रखे थे। और कई फर्जी वेबसाइट खोल रखी थी।

इस गिरहो का पर्दाफाश जनवरी 2020 मैं एक आवेदक पद्मेश सिंह द्वारा इस तथ्य लेख कर आवेदन पत्र प्रस्तुत किया कि उनके साथ माह दिसम्बर 2019 में www.swiftfinance.in द्वारा पर्सनल लोन देने का झांसा देकर उनके साथ धोकाधडी की गयी है। आवेदन पत्र की जांच के दौरान थाना क्राईम ब्रांच भोपाल में अज्ञात आरोपियो के विरूध अपराध क्रमांक 135/20 की धारा 419,420,467,468,471,120बी भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में आरोपी 1.डेविड कुमार जाटव 2.नेहा भट्ट 3.मनीषा भट्ट एवं 4.कमल कश्यप(फरार) के नाम ज्ञात हुये जिन्हें नोयडा दिल्ली से भोपाल पुलिस की सायबर क्राईम टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। डेविड कुमार जाटव जो स्विफ्ट फाइनेंस नाम से आईटी कंपनी चलाता है। उसने ऑनलाईन वेबसाइट डिजाइनिंग का कोर्स किया है। यह फर्जी वेबसाइट ग्राहको को लोन देने के लिये बनाता था। जिस फर्जी वेबसाइट का ऑनलाईन विज्ञापन गूगल ऐड मे देता था। इस कार्य हेतु उसने नोयडा (उ.प्र.) में कॉल सेन्टर खोल रखे है। जहां 25-30 लडकियों को ऑनलाईन ग्राहको को लोन लिये जाने हेतु फोन करने के लिये रखा गया है।

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गिरफ्तार आरोपीगण फर्जी वेबसाइट डेवलप कर इन फर्जी वेबसाइट का गूगल ऐड के माध्यम से विज्ञापन देते थें। जब ग्राहक लोन लेने के लिये अपने पर्सनल जानकारी डालते थे, तब कंपनी के कॉल सेंटर से ग्राहको को लडकियां कॉल करती थी, तथा प्रोसेसिंग फीस, सिक्यूरिटी डिपोजिट, जीएसटी एवं वनटाइम ट्रांजेक्शन के नाम पर अलग-अलग चार्जजेस के नाम पर ग्राहको से 30-40 हजार रूपये ठग लेते थे। इनके द्वारा प्रत्येक फर्जी वेबसाइट का दो से ढाई माह उपयोग किया जाता था। तदउपरांत फर्जी वेबसाइट को बंद कर देते थे। लोन के लिये बनाई गयी प्रत्येक फर्जी वेबसाइट से औसतन 1000-1200 ग्राहको को यह लोग विभिन्न स्तरों पर ठगते थे। लोगों से पैसे लेने हेतु फर्जी बैंक खातो एवं कॉल करने हेतु जिन सिम कार्डो का यह उपयोग करते थे उन्हें प्रत्येक माह बदल देते थे। ग्राहको को फोन करने हेतु गिरोह द्वारा दो कॉल सेंटर नोयडा (उ.प्र.) में किराये पर ले रखे थे। जिसका 1.50 लाख रूपया मासिक किराया वहन करते थे। जिसमें 25-30 लडकियों को 10-15 रूपये की मासिक वेतन पर इनके द्वारा रखा गया था। फोन करने वाली लडकियां प्रत्येक ग्राहक का रिकार्ड सापट् कॉपी में एक्सल में नोट करती थी। इन एक्सल फाईलों का ऐनालाईसिस करने पर लगभग 08-10 हजार लोगो के साथ ठगी करना ज्ञात हुआ हैं। इन लोगों द्वारा लगभग 10 हजार लोगो से लगभग 10 करोड रूपये की ठगी की गयी है।

आरोपियो से जब्त सामग्री – 6 लेपटॉप, 25 मोबाईल फोन, 21 पेन ड्राइव, 08 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, 19 डेबिट कार्ड, 03 रेंट एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज, 03 वेबसाइट संबंधी दस्तावेज, 01 रजिस्टर, 01 राउटर मय मोडेम मय इंटरनेट कन्वेटर व एक बलेनो कार।

नोडल अधिकारी ने कहा फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधडी करने वाले गिरोह के विरूद्ध कार्यवाही हेतु सायबर क्राईम भोपाल पुलिस द्वारा उनि. सुनिल रघुवंशी मोबाईल नम्बर- 8602744849 को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस गिरोह द्वारा लोन के नाम पर यदि किसी के साथ धोखाधडी की गयी है, तो वह व्यक्ति नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते है।

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