भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री Dr. Narottam Mishra ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के ‘वोट चोरी’ वाले बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सीधा प्रहार बताया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी की आदत बन गई है—बिना तथ्यों के बयान देना और बाद में पलायन कर जाना। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आपका एटम बम, चुनाव आयोग पर फेंका गया, फुस्स बम निकला।”
‘देश बदनाम करो’ का ठेका कांग्रेस ने ले लिया है: मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि लगता है कांग्रेस ने देश की छवि खराब करने का ठेका ले रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को न तो चुनाव आयोग पर भरोसा है, न सुप्रीम कोर्ट पर और न ही सेना जैसी संस्थाओं पर। हर बार जब कांग्रेस को चुनावी हार मिलती है, तो ये लोग संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की ‘फेक न्यूज़ और भ्रम फैलाने’ की राजनीति है।

राहुल गांधी को दी चुनौती: ‘सबूत है तो चुनाव आयोग में हलफनामा दें’
डॉ. मिश्रा ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास वास्तव में ‘वोट चोरी’ का कोई सबूत है तो वे चुनाव आयोग में हलफनामा देकर उसे पेश करें। वरना देश उन्हें ‘भारत का सबसे बड़ा झूठा’ मानने के लिए स्वतंत्र होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के बेतुके और बेबुनियाद आरोप केवल देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश हैं, जिसका अब कोई असर नहीं होने वाला।
‘राहुल गांधी अब झूठ के पर्याय बनते जा रहे हैं’
पूर्व मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार अपनी हार का ठीकरा कभी ईवीएम पर, कभी चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं। लेकिन देश की जनता उन्हें लगातार नकार रही है। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश के तहत झूठ का सहारा ले रहे हैं। लेकिन भारत की जनता अब जागरूक हो चुकी है और ऐसे ‘ड्रामे’ का असर नहीं होता।
लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है राहुल का बयान: नरोत्तम मिश्रा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी के बयान को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसे आरोप लगाना, जिससे जनता का विश्वास संवैधानिक संस्थाओं से उठ जाए, देश के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब यह समझ लेना चाहिए कि बिना प्रमाण शोर मचाने से केवल हंसी उड़ती है, न कि राजनीतिक लाभ मिलता है।


