भोपाल। सीधी पेशाब कांड के पीड़ित ने गुरुवार सुबह सीएम हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुलाकात की। पीड़ित को सीएम ने खुद मिलने के लिए बुलाया था। इस मुलाकात को लेकर भी अब सियासत गरमा गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने कहा कि घिनौनी घटना देश की धरती पर हुई है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री को पीड़ित परिवार से जाकर मिलने का समय नहीं मिला। प्रशासन की मदद से पीड़ित दशमत को भोपाल लाया गया। उसकी पत्नी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। पीड़ित के पैर धोकर एक इवेंट की तरह पेश किया गया है। एक आदिवासी के साथ में घिनौनी हरकत हुई। इस घटना का वीडियो पूरे देश ने देखा है। आरोपित भारतीय जनता पार्टी के विधायक का प्रतिनिधि है।
उधर, इस मुलाकात को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सवाल उठाए हैं और इसे नाटकबाजी बताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश के सीएम द्वारा सीधी ज़िले के पेशाब कांड के पीड़ित आदिवासी युवक को लगभग 600 किलोमीटर दूर भोपाल बुलाकर सीएम हाऊस में कैमरा के घेरे में उसके पैर धोना सरकारी पश्चाताप कम तथा इनकी नाटकबाजी व चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा लगती है। ऐसा नुमाइशी कार्य क्या उचित है? चूंकि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव निकट हैं, इसलिए सरकार की ऐसी बेचैनी स्वाभाविक है। किंतु पूरे राज्य में खासकर एससी, एसटी, अतिपिछड़े व मुस्लिम समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोगों का महंगाई व बेरोजगारी आदि से जीवन जितना त्रस्त हुआ है, उसका हिसाब वे जरूर ही मांगेगे।
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