महापौर और अध्यक्ष को जनता चुनेगी, पार्षद नहीं

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र को 7 विधेयक पारित करने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। 90 मिनट तक चले एक दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान नगरपालिका संसोधन अधिनियम को भी पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पारित होने से अब महापौर और अध्यक्ष का चुनाव पार्षद द्वारा नहीं, बल्कि जनता की तरफ से किया जाएगा। एक दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान सदन ने 2 लाख 5 करोड़ रुपए के बजट को भी मंजूरी दी।

आपको बता दें कि 2018 में सत्ता में आने के बाद कमलनाथ सरकार ने नगरपालिका अधिनियम में संशोधन कर दिया था। जिसके बाद महापौर और अध्यक्ष के चुनाव का अधिकार जनता से छिन गया था। सोमवार को नगरपालिका संसोधन अधिनियम को जब पटल पर रखा गया तो कांग्रेस ने चर्चा कराने की मांग की, लेकिन सरकार ने मना कर दिया।

सरकार ने कहा कि नगरपालिका संसोधन अधिनियम को लेकर बैठक में पहले ही चर्चा हो चुकी है। ऐसे में इस विधेयक पर चर्चा कराने का कोई औचित्व नहीं बनता है। इसके बाद विधेयक पारित हो गया।

विधानसभा सत्र में ये विधेयक हुए पारित

1-मध्य प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2020
2-मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि संशोधन विधेयक 2020
3-मध्य प्रदेश साहूकार संशोधन विधेयक 2020
4-अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति विधेयक 2020
5-मध्य प्रदेश वैट संशोधन विधेयक 2020
6-मध्य प्रदेश वित्त विधेयक 2020
7-मध्य प्रदेश विनियोग विधेयक 2020

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