दमोह उपचुनाव में राहुल लोधी ने हार के लिए इस नेता को ठहराया जिम्मेदार

दमोह | उपचुनाव में हार के लिए बीजेपी के राहुल लोधी ने दमोह से पूर्व विधायक और भाजपा के दिग्गज नेता जयंत मलैया को जिम्मेदार ठहराया है. राहुल लोधी ने हार के बाद कहा कि “जिन नेताओं को शहर की जिम्मेदारी दी गई थी, वो अपना वार्ड ही नहीं जितवा पाए और पूरे शहर के सभी वार्ड हार गए. यह पूरी तरह से भितरघात की वजह से हार हुई है. जो लोग कहते थे कि पार्टी हमारी मां है और मां से गद्दारी नहीं कर सकते, उन्होंने पूरी ताकत से बेईमानी की है और जबरदस्त भितरघात किया है

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में राहुल लोधी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए बीजेपी के जयंत मलैया को ही करीबी मुकाबले में हराया था. इसके बाद राहुल लोधी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे. हालांकि जयंत मलैया ने भी राहुल लोधी के पक्ष में प्रचार किया था. लेकिन राहुल लोधी अब हार के बाद जयंत मलैया को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. बता दें कि दमोह सीट पर जयंत मलैया 7 बार विधायक रह चुके हैं. साथ ही दमोह में मलैया परिवार का खासा दबदबा भी माना जाता है.

दमोह उपचुनाव में जीत के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगाई. जिसके चलते दमोह उपचुनाव में बाहरी नेताओं को खूब जिम्मेदारी दी गई, जिससे स्थानीय स्तर के नेता चुनाव अभियान से सीधे तौर पर नहीं जुड़ पाए.

राहुल लोधी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे, जिसके चलते दमोह में उपचुनाव हो रहे थे. ऐसे में दमोह के शहरी इलाकों में राहुल लोधी के खिलाफ नाराजगी भी थी, जिसका कांग्रेस ने पूरा फायदा उठाया. भाजपा भी इस बात को जानती थी. यही वजह थी कि भाजपा ने गांवों में प्रचार पर जोर दिया लेकिन वहां भी पार्टी मतदाताओं को पूरी तरह अपने पक्ष में करने में नाकाम रही. ऐसे में दलबदल भी बीजेपी की हार की प्रमुख वजह रहा.

दमोह में जयंत मलैया 7 बार विधायक रहे हैं. ऐसे में उनके परिवार का इलाके में खासा दबदबा माना जाता है. उपचुनाव में जिस तरह से भाजपा ने जयंत मलैया की जगह राहुल लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया. इस बात से भी लोगों में नाराजगी हो सकती है. राहुल लोधी ने भी अपनी हार का जिम्मेदार जयंत मलैया को ही ठहराया है.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!