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राजनाथ सिंह ने किया बड़ा एलान – अफगानिस्तान के बदले हालात भारत के लिए चुनौती पर चल रहा विमर्श लेने होंगे बड़े फैसले

अफगानिस्तान में बदले सत्ता समीकरणों से भारत के सामने नई चुनौतियां पैदा हुई हैं। हमें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है। क्वाड (भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान का सुरक्षा समूह) को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कही। वह तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज में सैन्य अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

रक्षा मंत्री ने कहा- बड़े फैसले लेने पर गंभीरता से विचार कर रही सरकार

रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध के समय तत्परता से निर्णय लेने वाले इंटीग्रेटेड बैटिल ग्रुप (आइबीजी) के गठन पर गंभीरता से विचार हो रहा है। ऐसा देश के समक्ष बढ़ रहीं सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर किया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा- अफगानिस्तान में बदले समीकरणों ने भारत के लिए बढ़ाईं चुनौतियां

राजनाथ सिंह ने कहा कि अफगानिस्तान में बदले समीकरणों ने हमारे सामने चुनौतियां बढ़ाई हैं। हमारे लिए नई रणनीति पर विचार करने की जरूरत पैदा हो गई है। हमें क्वाड में भी इस मसले पर वार्ता की जरूरत महसूस हो रही है। अफगानिस्तान में बदले समीकरणों से राजनाथ का आशय वहां पर चुनी हुई सरकार को हटाकर तालिबान के सत्ता पर कब्जे से था। इसके बाद वहां पर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है और देसी-विदेशी लोग देश छोड़कर जा रहे हैं।

राजनाथ ने कहा- आइबीजी का काम त्वरित निर्णय लेना

रक्षा मंत्री ने कहा, आइबीजी का काम न केवल त्वरित निर्णय लेना होगा बल्कि वह एकीकृत लड़ाकू दस्ते भी तैयार करेगा। इन दस्तों में तीनों सेनाओं के लोग होंगे जो साथ मिलकर तेज और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम होंगे। साथ ही टूर आफ ड्यूटी की योजना लागू करने पर सरकार विचार कर रही है। यह तस्वीर बदलने वाला निर्णय होगा। इससे सैन्यकर्मियों की औसत आयु कम होगी और उनकी मारक क्षमता भी बढ़ेगी।

राजनाथ ने पाक का नाम लिए बिना कहा- दो युद्ध हारने के बाद पड़ोसी देश छेड़े हुए है छद्म युद्ध

पाकिस्तान का नाम लिए बगैर राजनाथ ने कहा, दो युद्ध हारने के बाद हमारा पड़ोसी देश छद्म युद्ध छेड़े हुए है। आतंकवाद को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय नीति बनाकर कार्य कर रहा है। आज अगर सीमा पर संघर्षविराम की स्थिति है तो वह हमारी ताकत का नतीजा है। सीमा पार से होने वाले हमले 2016 में हमारी बदली सोच के चलते बंद हुए। तब हमने आक्रामक जवाबी कार्रवाई करने का फैसला किया था।

रक्षा मंत्री ने कहा- भारतीय सेना दुश्मनों से निपटने में सक्षम

भारत-चीन सीमा के हालात पर रक्षा मंत्री ने कहा, वहां पर हमारी सेना ने बहादुरी और बुद्धिमानी से स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों ने साबित किया कि वे हर समय, हर स्थिति और हर कीमत चुकाकर देश के दुश्मनों से निपटने में सक्षम हैं। सुरक्षा बलों के इसी जज्बे के चलते सीमा बदलने की साजिश कामयाब नहीं हो सकी। कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और लेफ्टिनेंट जनरल एमजेएस कहलों भी उपस्थित थे।

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