Madhya Pradesh यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों में 9.5 लाख नए सदस्य बनाए जा चुके हैं। लेकिन इनमें से करीब एक लाख सदस्यता रद्द हो सकती है। वजह ये है कि कई लोगों ने वोटर आईडी की जगह पैन कार्ड या अन्य दस्तावेज अपलोड किए हैं। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कुछ लोग जानबूझकर गलत तरीके से सदस्यता बढ़ाकर अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दिलवाना चाहते हैं।
फर्जी फोटो से बिगड़ा चुनावी खेल
चुनाव के लिए यूथ कांग्रेस ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें लाइव फोटो अपलोड करना जरूरी है। लेकिन कई मामलों में लाइव फोटो की जगह पहले से खींची हुई फोटो अपलोड की गई है। इससे फर्जी सदस्य बनाए जाने की आशंका और भी मजबूत हो जाती है। सदस्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए यह शर्त रखी गई थी लेकिन अब यही फर्जीवाड़े का जरिया बन रही है।

सदस्यता और मतदान की अंतिम तारीखें
इस बार सदस्यता लेने की अंतिम तारीख 19 जुलाई तय की गई है और अधिकतम आयु सीमा 35 साल रखी गई है। केवल नए सदस्य ही वोट डाल सकेंगे। सदस्यता और मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसका संचालन यूथ कांग्रेस इलेक्शन ऐप के जरिए हो रहा है। 19 जुलाई के बाद सदस्यता की जांच शुरू होगी जो डेढ़ से दो महीने तक चलेगी।
AI से हो रही है सख्त जांच
इस बार फर्जी सदस्यता को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जा रही है। AI यह जांच रहा है कि एक ही मोबाइल नंबर से कहीं दो जगह तो पंजीकरण नहीं हुआ। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं वोटर आईडी की जगह आधार कार्ड या कोई अन्य दस्तावेज तो नहीं अपलोड किया गया। अगर कोई सदस्य फर्जी दस्तावेजों के जरिए पंजीकृत पाया गया तो उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
दूसरे राज्यों में भी हो चुकी हैं ऐसी गड़बड़ियां
इससे पहले तमिलनाडु और राजस्थान के यूथ कांग्रेस चुनावों में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। तमिलनाडु में पांच लाख से ज्यादा वोट पड़े थे जिनमें से करीब आधे वोट फर्जी पाए गए और रद्द कर दिए गए। ऐसे में मध्यप्रदेश में भी चुनाव परिणामों पर सवाल उठ सकते हैं अगर इस बार सतर्कता नहीं बरती गई।


