Saket Building Collapses: दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलअजाइब इलाके में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई घायलों का इलाज एम्स और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने तुरंत एक्शन लेते हुए सख्त जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस केस दर्ज और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री के निर्देश पर महरौली पुलिस स्टेशन में इस हादसे को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट (DM) के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन को आसपास की सभी खतरनाक और अवैध इमारतों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अब तक चार की मौत, कई घायल अस्पताल में भर्ती
हादसे के बाद एम्स और सफदरजंग अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों की संख्या चार हो गई है। एम्स में लाए गए 11 घायलों में से तीन की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीजों का इलाज जारी है। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, यह सभी लोग हादसे के समय इमारत के निचले हिस्से या आसपास मौजूद थे, जिससे वे मलबे की चपेट में आ गए।
अवैध निर्माण और भीड़भाड़ बनी हादसे की वजह
जानकारी के मुताबिक, यह इमारत लगभग 15 साल पहले दो मंजिला बनाई गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर पांच मंजिला कर दिया गया। हादसे के समय यहां कोचिंग सेंटर, पीजी, कैफे और लाइब्रेरी जैसी गतिविधियां चल रही थीं। घटना के समय बड़ी संख्या में लोग कैंटीन और लाइब्रेरी में मौजूद थे, जो मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर 70–80 लोग मौजूद थे, हालांकि प्रशासन का दावा है कि अब कुछ ही लोग फंसे हो सकते हैं।
राहत-बचाव अभियान और सख्त कार्रवाई के आदेश
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति बनी सभी इमारतों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के आदेश भी दिए गए हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस तरह की लापरवाही पर बड़ा अभियान चलाया जाएगा।


