महाराष्ट्र के नागपुर से मध्य प्रदेश जाने वाले हाईवे पर एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। 36 वर्षीय अमित यादव अपनी पत्नी ग्यारसी यादव के साथ बाइक पर अपने गांव कर्णपुर, लखनादौन के लिए निकले थे। रास्ते में एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में ग्यारसी यादव की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अमित घायल हो गया। दर्दनाक यह था कि घायल हालत में भी जब अमित ने राहगीरों से मदद मांगी तो कोई भी आगे नहीं आया।
सहायता के लिए कराई अपील, मिली नाकामी
दुर्घटना के बाद अमित सड़क पर बैठा रहा और बार-बार मदद की गुहार लगाई। लेकिन वहां से गुजर रहे लोग या तो अनदेखा कर गए या मदद से बचते रहे। न तो हाईवे पुलिस का कोई दल पहुंचा और न ही कोई एंबुलेंस उपलब्ध हुई। अंततः थक हारकर अमित ने अपनी पत्नी की लाश को बाइक के पीछे बांधा और लगभग 80 किलोमीटर दूर अपने गांव की ओर चल पड़ा। इस घटना ने न केवल इंसानियत पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि सरकारी तंत्र की भी लापरवाही उजागर हुई है।

पुलिस ने किया ट्रेस, वापस लाया शव
जब अमित अपने गांव पहुंचा, तब नागपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और उसकी तलाश शुरू की। खुमारी टोल नाके पर पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। बाद में पुलिस ने उसकी वीडियो बनाकर इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नागपुर के शहर, ग्रामीण और हाईवे पुलिस ने मिलकर उसे खोज निकाला और मृतका ग्यारसी यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागपुर वापस लाया। अब पुलिस ट्रक ड्राइवर की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगे हुए हैं।
रास्ते की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह दर्दनाक हादसा न केवल नागपुर और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यह हादसा उस क्षेत्र का है जो भारत के सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र और निर्वाचन क्षेत्र में आता है। ऐसे हादसे यह दिखाते हैं कि सड़क सुरक्षा के प्रति अभी भी कितनी लापरवाही बरती जा रही है और जरूरत है कि यातायात नियमों का कड़ाई से पालन हो।
CCTV फुटेज के आधार पर चल रही तलाश
पुलिस ने आसपास के टोल प्लाजा और हाईवे के CCTV फुटेज की मदद से हादसे में शामिल ट्रक की खोज शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद, पुलिस द्वारा अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। अमित के दर्दनाक संघर्ष और पुलिस की सक्रियता के बीच यह घटना मानवता और व्यवस्था दोनों के लिए एक गहरा संदेश है।


