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सिंहस्थ 2028: 5882 करोड़ की मंजूरी, इन कार्यों से बदलेगी उज्जैन की तस्वीर

 

उज्जैन। मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ 2028 महापर्व की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में 5882 करोड़ रुपये के विभिन्न बुनियादी ढांचा कार्यों को मंजूरी दी गई है। यह महापर्व ना केवल देश बल्कि विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बनेगा और इस दिशा में किए गए कार्य उज्जैन की तस्वीर को बदलने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के अनुसार इस विशाल राशि का उपयोग विभिन्न प्रमुख परियोजनाओं पर किया जाएगा, जिसमें जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा और सड़क निर्माण शामिल हैं।

1. जल संसाधन परियोजनाएं…
– 29.21 किमी घाट निर्माण के लिए 778.91 करोड़ रुपये।
– कान्ह नदी डायवर्सन के लिए 1024.95 करोड़ रुपये।
– शिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना के लिए 614.53 करोड़ रुपये।
– कान्ह नदी पर 11 बैराजों के निर्माण के लिए 43.51 करोड़ रुपये।

2. नगरीय प्रशासन और आवास…
– उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना के लिए 198 करोड़ रुपये।
– ऊर्जा विभाग के तहत अति उच्च दबाव उपकेंद्र के लिए 250 करोड़ रुपये।

3. सड़क निर्माण…
– शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा मार्ग के लिए 18 करोड़ रुपये।
– इंदौर-उज्जैन चार लेन मार्ग का 6 लेन में विस्तार के लिए 1692 करोड़ रुपये।
– इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड चार लाइन परियोजना के लिए 950 करोड़ रुपये।

4. संस्कृति और पर्यटन…
– महाकाल लोक कॉरिडोर में पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण और विकास कार्य के लिए 75 करोड़ रुपये।
– कुंभ संग्रहालय का अनुरक्षण एवं विकास कार्य के लिए 25 करोड़ रुपये।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे को सुधारना नहीं है, बल्कि उज्जैन की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक महत्व को भी उभारना है। सिंहस्थ महापर्व एक ऐसा अवसर है जो लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, और इन विकास कार्यों के माध्यम से सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार का महापर्व भव्य और सुगम हो सकें।

इन निवेशों के साथ उज्जैन का आर्थिक और सांस्कृतिक विकास निश्चित है। शहर की सड़कें, जल व्यवस्थाएं और नगरीय सुविधाएँ बेहतर होंगी, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि पर्यटकों को भी लाभ होगा। सरकार के इस प्रयास से उज्जैन को एक नया रूप मिलेगा, जो उसे न केवल धार्मिक नगरी बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन के लिए की गई ये तैयारियाँ उज्जैन की पहचान को और भी मजबूत करेंगी।

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