मध्यप्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) की कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रदेशभर में आयोजित की जाएंगी। इस बार बोर्ड ने परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी नकल-चोरी के संपन्न कराने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण नियम के तहत परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी छात्र को पहले दो घंटे के अंदर परीक्षा केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार यह कदम प्रश्नपत्र लीक और नकल की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए उठाया गया है।
परीक्षा केंद्र छोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र परीक्षा शुरू होने के बाद दो घंटे पूरे होने के बाद भी परीक्षा केंद्र छोड़ता है तो उसकी सूचना तुरंत बोर्ड को दी जाएगी। ऐसी स्थिति में उस छात्र के उत्तरपत्र और प्रश्नपत्र को जब्त कर लिया जाएगा और उसकी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। इस साल लगभग 17 लाख छात्र कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं में शामिल होंगे। इसलिए बोर्ड इस बार सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा बना रहा है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

नकल करने वालों पर सख्त कार्रवाई
MPBSE ने साफ शब्दों में कहा है कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकल के पर्चे या अन्य कोई अनुचित सामग्री रखने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में न केवल उनकी परीक्षा रद्द की जाएगी बल्कि उनके खिलाफ नकल का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें और नियमों का पूरी तरह पालन करें। परीक्षा में केवल एडमिट कार्ड और जरूरी लिखने-लिखने का सामान ही लाने की अनुमति होगी।
CCTV और जैमर से बढ़ाई गई सुरक्षा
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के 206 संवेदनशील और अत्यंत संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 700 से अधिक परीक्षा केंद्रों में जैमर की व्यवस्था भी की गई है ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक संचार को रोका जा सके। उड़नदस्ता दलों को भी लगाया गया है जो परीक्षा केंद्रों की निगरानी करेंगे। केंद्राधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षार्थियों की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह जांचें ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके। बोर्ड ने सभी छात्रों से अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा को सफल बनाने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया है।


