कलेक्टर से हुई छात्र की बहस,कलेक्टर के निर्देश पर जिलाअध्यक्ष को भेजा जेल

ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार से शुरू होने वाली स्नातकोत्तर पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं आगे बढ़ाने की मांग को लेकर साढ़े पांच घंटे हंगामा चला। आक्रोशित विद्यार्थियों ने प्रशासनिक गेट का ताला तोड़ दिया। वहीं कुछ छात्राओं ने जेयू के कुछ सुरक्षाकर्मियों पर छेड़छाड़ और अभद्रता का आरोप लगाया।

 

एक कोरोना पॉजिटिव छात्रा भी आंदोलनकारियों के बीच पहुंच गई और परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग करने लगी। इतना ही नहीं छात्रों ने जेयू के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी, रजिस्ट्रार डॉ. सुशील मंडेरिया, परीक्षा नियंत्रक प्रो. डीएन गोस्वामी के सामने रुपए रखकर परीक्षा बढ़ाने की मांग की। साढ़े पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद पहले पुलिस अफसर छात्रों को समझाने पहुंचे, यहां बात नहीं बनी तो कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह पहुंचे। यहां पर उन्होंने आंदोलनकारियों से बात की और जेयू के अफसरों से छात्रों के पक्ष में परीक्षा बढ़ाने को कहा। इसके बाद ही यूनिवर्सिटी ने प्रबंधन से शुक्रवार से होने वाली परीक्षाओं को 7 फरवरी से कराए जाने के आदेश जारी किए। ऐसा पहली बार हुआ है जब जेयू में किसी छात्र आंदोलन के दौरान व्यवस्था प्रबंधन के हाथ से निकली और कलेक्टर को पहुंचना पड़ा।

 

परीक्षा आगे बढ़ाए जाने को लेकर छात्र आंदोलन का नेतृत्व एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने किया। यादव ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आगे अपनी बात रखना शुरू की तो उन्होंने पूछा कि आप यूनिवर्सिटी में किस क्लास में पढ़ते हो शिवराज का कहना था कि वह अभी यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ते हैं लेकिन छात्रों की बात रखने के लिए आए हैं। इसके बाद गरमा-गरमी हुई और कलेक्टर ने पुलिस अफसरों को शिवराज को ले जाने के निर्देश दे दिए। इस घटनाक्रम को लेकर एनएसयूआई शुक्रवार को भी आंदोलन करेगी और इसमें कांग्रेस नेताओं के शामिल होने की भी उम्मीद है।

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