Surya Murder Case: गाजियाबाद शहर की एक शांत मानी जाने वाली रात उस समय खौफनाक बन गई जब बकरीद के दिन युवक सूर्य प्रताप सिंह की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी और लोग अचानक हुई इस वारदात से सन्न रह गए। शुरुआती दौर में यह मामला स्थानीय झगड़े और आपसी रंजिश का बताया जा रहा था लेकिन जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी वैसे वैसे कहानी ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया। पुलिस को अब इस केस में कई जिलों के आपसी कनेक्शन और गहरी साजिश के संकेत मिलने लगे हैं जो इस हत्याकांड को और भी गंभीर बना रहे हैं।
जांच की दिशा बदली और पीलीभीत तक पहुंची पुलिस की टीम
Ghaziabad पुलिस की जांच जैसे ही आगे बढ़ी तो पूरे मामले की कड़ी उत्तर प्रदेश के एक और जिले तक पहुंच गई। जांच में खुलासा हुआ कि इस हत्याकांड का सीधा संबंध Pilibhit से जुड़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने पीलीभीत शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बुजकसावान में रहने वाले दो युवकों फरहान और आतिफ को इस मामले में नामजद किया है। दोनों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद जांच टीम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी और पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं बल्कि इसके पीछे एक संगठित साजिश भी हो सकती है।
चाकू उपलब्ध कराने का आरोप और सुनियोजित साजिश की आशंका
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह सामने आया है कि फरहान पर हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू को उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप है। इसी आधार पर उसे इस पूरे मामले में अहम आरोपी माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह वारदात अचानक नहीं हुई बल्कि इसके पीछे पहले से बनाई गई योजना का संकेत मिल रहा है। इस हत्याकांड में कई लोगों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है और हर कड़ी को जोड़कर जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है और पुलिस हर एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।
पीलीभीत में गोपनीय छापेमारी और आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस टीम ने पीलीभीत में दबिश दी और बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के घरों पर पहुंचकर परिजनों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की ताकि किसी भी तरह की सूचना बाहर न जा सके और जांच प्रभावित न हो। देर शाम पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बन गया है क्योंकि लोग इस पूरे मामले की सच्चाई जानने को उत्सुक हैं।
आपराधिक पृष्ठभूमि और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
जांच में यह भी सामने आया है कि फरहान के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके पिता तथा ताऊ पहले भी हत्या और चोरी जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं। वहीं आतिफ का परिवार पहले बैंड का काम करता था लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार के सदस्य मजदूरी करने लगे और गाजियाबाद में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों की दोस्ती गाजियाबाद में रहने के दौरान मुख्य आरोपी असद से हुई थी जिसके बाद यह पूरा नेटवर्क बनता गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड में और कौन कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या केवल कुछ युवकों की साजिश है।


