संसद में बोला ‘तमाशा’, अब भी कायम हैं प्रणीति शिंदे, Operation Sindoor पर उठाए सवाल

Operation Sindoor को लेकर संसद में बहस पूरी हो चुकी है लेकिन राज्यसभा में अब भी चर्चा जारी है। लोकसभा में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखी गई। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। खासतौर से कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने अपने बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने ऑपरेशन सिन्दूर को एक मीडिया तमाशा करार दिया जिसे बाद में लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया।

प्रणीति शिंदे के बयान पर मचा बवाल

प्रणीति शिंदे ने कहा कि अगर उनके बयान से उन 26 परिवारों को ठेस पहुंची है जिन्होंने अपने प्रियजन खोए हैं तो वह हजार बार माफी मांगने को तैयार हैं। लेकिन वह बीजेपी के ट्रोल्स या अंधभक्तों से कभी माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिन्दूर को केवल प्रचार के लिए इस्तेमाल किया गया। यह सिर्फ एक PR रणनीति थी न कि कोई ठोस और सफल मिशन।

संसद में बोले तीखे शब्द, फिर भी कायम हैं अपने बयान पर

लोकसभा में बहस के दौरान प्रणीति ने कहा कि पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है लेकिन गुस्सा सरकार पर है जो अब तक हमलावरों को पकड़ नहीं सकी। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ नाम देशभक्ति से भरा हुआ लगता है लेकिन असल में यह मीडिया में दिखावा था। इस बयान पर खूब हंगामा हुआ और कार्यवाही से उनके शब्द हटा दिए गए लेकिन प्रणीति आज भी अपनी बात पर अडिग हैं।

बीजेपी पर लगाया PR का आरोप

प्रणीति ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ऑपरेशन सिन्दूर का इस्तेमाल केवल प्रचार के लिए किया। उनका कहना था कि यह सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट में विश्वास करती है और असली सुरक्षा मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की सुरक्षा भावनाओं का नहीं बल्कि गंभीर रणनीति का विषय है।

कौन हैं प्रणीति शिंदे?

प्रणीति शिंदे देश के पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में काफी सक्रिय हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सोलापुर सीट से जीत दर्ज की। इससे पहले वे महाराष्ट्र विधानसभा में तीन बार सोलापुर सिटी सेंट्रल सीट से विधायक रह चुकी हैं। वे बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं और पार्टी की युवा और मुखर चेहरा मानी जाती हैं।

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