पुलिस ने युवा को इतना पीटा कि कान का पर्दा फटा और गर्दन की हड्डी टूटी

राजगढ़। राजगढ़ जिले की बोडा पुलिस पर युवक को बेरहमी से पीटने का आरोप है। उसे इस कदर पीटा गया कि शरीर की चमड़ी उधड़ गई। मारपीट में उसके कान का पर्दा भी फट गया है। पिटाई से शरीर पर गहरे घाव हो गए। पीड़ित ने पुलिस पर 50 हजार की रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत एसपी प्रदीप शर्मा तक पहुंची तो उन्होंने ASI समेत 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट युवक ने इसकी शिकायत गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से की है।

 

 

बोड़ा थाना क्षेत्र के कड़िया गांव निवासी शुभम सिसोदिया सांसी ने बताया कि 29 मई को वह भेसवा माता गांव में एक मन्नत के कार्यक्रम में शामिल होने गया था। यहां पुलिस ने उसे एक मामले में आरोपी बताते हुए गाड़ी में बैठा लिया और लीमा चौहान थाने ले गई। यहां उसके साथ जमकर मारपीट गई। एक घंटे तक पीटने के बाद यहां से बोडा थाने ले गई। जहां रास्तेभर उसे पीटा गया। बोडा थाने के पीछे भी ले जाकर मारपीट की गई। यहां से उसे नरसिंहगढ़ ले जाया गया। यहां भी रातभर पिटाई की गई। मेरे परिवार को पता चला तो वह बोडा थाने पहुंचे और मुझे कोर्ट में पेश करने को कहा। 30 मई की सुबह मुझे फिर से बोडा थाने लाया गया। यहां मिन्नतों के बाद मेरी मां ने टीआई राम नरेश राठौर को 50 हजार रुपए दिए, तब उन्होंने मुझे छोड़ा। थाने से बाहर जाते समय भी मुझे धमकाया किसी से बाहर मारपीट का जिक्र मत करना।

 

 

मारपीट के कारण मेरे कान में बहुत दर्द हो रहा था। इसलिए मैं 1 मई को शुजालपुर पहुंचा और डॉक्टर को कान दिखाया। यहां डॉक्टर ने कान का पर्दा फटने की बात कही। साथ ही कहा कि यह पुलिस केस है तुम मेडिकल करवाओ। रात 8 बजे मैं पचोर सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंचा तो वहां से मुझे शाजापुर के लिए रैफर कर दिया गया। अगले दिन शाजापुर अस्पताल पहुंचकर जांच करवाई, तभी शाजापुर के दो पुलिसकर्मी आए और धमकाया। डर कर मैं बिना जांच रिपोर्ट लिए गांव लौट गया। मेरी जांच रिपोर्ट अब भी शाजापुर अस्पताल में है। 6 तारीख को मैं चुपचाप राजगढ़ पहुंचा और एसपी प्रदीप शर्मा से मारपीट की शिकायत की। यहां 5 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई तो हुई लेकिन 50 हजार रिश्वत लेने वाले थाना प्रभारी राम नरेश राठौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो मैं अगले दिन भोपाल पहुंचा और डीआईजी, मानव अधिकार, मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया। इसके अलावा गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी अपनी पीड़ा बताई।

 

 

बोड़ा थाना प्रभारी राम नरेश राठौर से बात की तो उनका कहना है कि युवक से मारपीट करने वाले मामले में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं 50 हजार रुपए लेकर पीड़ित को छोड़ने के आरोप पर कहा कि मारपीट में भी आदमी पैसे ले लेगा क्या, उसने आवेदन में कुछ भी लिखा हो, उसकी जांच हो जाएगी। एसपी ने बोडा थाने के एएसपीI समेत 5 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। जिसमें एएसआई भंवरसिंह परमार, आरक्षक श्याम, आरक्षक प्रवीण, आरक्षक वीरेंद्र रावत और आरक्षक गौरव रघुवंशी पर कार्रवाई की है।

 

एएसपी मनकामना प्रसाद ने कहा कि थाना बोडा पर एक युवती ने इंस्टाग्राम पर फेक आईडी बनाकर अश्लील चीजें डालने की शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस ने सायबर सेल की मदद से आरोपी का पता लगाया। मोबाइल सिम की मदद से शुभम सिसोदिया को पुलिस गिरफ्तार कर थाना लाई। युवक के विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने युवक की पिटाई की। मामले में एसपी ने 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

 

 

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