बढ़ते सब्जियों के दाम लोगो के लिए आफत बने आलू, प्याज, टमाटर, के भाव

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The price of growing vegetables became a disaster for people,
vegetables
नई दिल्ली | इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग चल रही है, जिसमें देश-दुनिया के क्रिकेट खिलाड़ी धमाल मचा रहे हैं। ऐसे में टी-20 मैचों का रोमांच लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। चौके-छक्कों के साथ खिलाड़ी शतक-अर्धशतक लगा रहे हैं। वहीं, सब्जियों के बीच भी शतक- अर्धशतक का खेल चल रहा है। आश्चर्यजनक प्रदर्शन करते हुए बाजार की पिच पर आलू ने पहली बार अर्ध शतक (50 रुपये किलो) का रिकॉर्ड बना लिया है। 
 
 
 
आलू के साथ प्याज की भी अच्छी जुगलबंदी चल रही है। प्याज (80 रुपये किलो) शतक के आंकड़े को छूने के लिए बेकरार है। जहां एक तरफ आइपीएल में खिलाडिय़ों के शतक-अर्धशतक पर दर्शक उत्साहित होकर तालियां बजा रहे हैं। वहीं सब्जिआओ के दामों की दौड़ से आम जनता हतोत्साहित है। लोगों को उस गेंद । इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग चल रही है, जिसमें देश-दुनिया के क्रिकेट खिलाड़ी धमाल मचा रहे हैं। ऐसे में टी-20 मैचों का रोमांच लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। 
 
 
 
 
जहां एक तरफ आइ पीएल में खिलाड़ियों के शतक-अर्धशतक पर दर्शक उत्साहित होकर तालियां बजा रहे हैं। वहीं सब्जियों के दामों की दौड़ से आम जनता हतोत्साहित है। लोगों को उस गेंद (समय) क बोल्ड हो जाएं। बता दें कि दिल्ली- एनसीआर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर  भारत में सब्जियों  के दामों में आग लगी हुई है। दाम सुनकर ठंड के मौसम में भी लोगों के पसीने छूट रहे हैं। 
 
 
पूर्व में कई बार प्याज का दाम सौ रुपये किलो तक पहुंच चुका है, यह दोबारा से इसी रास्ते पर है। आलू ने पहली बार अपने तेवर दिखाए हैं। दाम धीरे-धीरे बढ़कर पचास रुपये किलो तक पहुंच चुका है। आलू सभी का पसंदीदा होने के साथ सभी सब्जियों के साथ मिल जाता है। सब्जियों खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने वाला हर ग्राहक आलू अवश्य खरीदता है। कुछ न मिलने पर आलू की ही सब्जियों  बना लेता है, 
 
 
पहली बार ऐसा हुआ है कि आलू के दाम सुनकर आम आदमी खरीदने की हींमत  नहीं जुटा पा रहै । चार से पांच किलो तक आलू खरीदने वालों इसके दाम सुनकर किलो-आधा किलो तक अपनी जरूरत को समेट लिया है। हालांकि प्याज पहले भी कई बाद अपने दामों से आंसू निकाल चुका है। एक बार पुराने तेवर में लौट आया है। टमाटर दिन प्रतिदिन लाल होता जा रहा है।
 
 
हरी सब्जियों  ने जरूर भोजन की थाली की इज्जत बचाकर रखी है। फिर उसी दिशा में अग्रसर है। पालक, मेंथी, मूली के दाम लोगों को थोड़ी राहत दे रहे हैं। सस्ती व पौष्टिक होने के कारण लोगों में हरी सब्जियों  की मांग बढ़ी है। आलू, प्याज व टमाटर के दाम आम आदमी के साथ ही विक्रेताओं को भी हतप्रभ कर रहे हैं। सभी को सब्जियों  के दाम नीचे आने का इंतजार है। सजी विक्रेता विपिन का कहना है कि आलू का दाम पहली बार पचास रुपये किलो पहुंचा है। मंडी में आवाक कम होने के कारण आलू-प्याज के दाम बढ़ रहे हैं।

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